सन् 1857 के संग्राम को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम क्यों कहा जाता है? व महत्व बताइए।

सन् 1857 के संग्राम को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम क्यों कहा जाता है? व महत्व बताइए।

उन क्षेत्रों के नाम जहाँ 1857 ई. का स्वतंत्रता संग्राम व्यापक रूप से हुआ।

सन् 1857 के संग्राम को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम क्यों कहा जाता है? व महत्व बताइए।


बैरकपुर (बंगाल), दिल्ली, उ. प्र. में मेरठ, अवध, कानपुर, रूहेलखण्ड, बदाएँ, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, सतारा, झाँसी, म. प्र. में इंदौर, नीमच, ग्वालियर, राजस्थान में नसीराबाद, कोटा, जोधपुर एवं बिहार के अधिकांश भाग स्वतंत्रता संग्राम के क्षेत्र थे जहाँ इस क्रांति को पूर्ण जन समर्थन प्राप्त हुआ था।


सन् 1857 के संग्राम को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम क्यों कहा जाता है ?

भारतीय जनता 100-150 वर्षों से अंग्रेजों के अत्याचार सहते आ रहे थे। अंग्रेजों ने भारतीयों का सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक व राजनैतिक शोषण किया। 1857 ई. का स्वतंत्रता संग्राम अंग्रेजों के अत्याचार एवं शोषण का परिणाम था जिसकी शुरुआत, भारतीय क्रांतिकारी सैनिक मंगल पाण्डे द्वारा हुआ था। इस क्रांति में हर वर्ग, किसान, मजदूर, राजा, नवाब, हर जाति सम्प्रदाय के लोगों का पहली बार समर्थन व सहयोग प्राप्त हुआथा। इस कारण 1857 ई. की क्रांति को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहा जाता है।


सन् 1857 की क्रान्ति के परिणाम व महत्व बताइए! 


सन् 1857 की क्रान्ति परिणाम-

(1) भारत का शासन इंग्लैंड की सरकार ने अपने हाथ में ले लिया।

(2) सेना में भारतीयों की संख्या कम करके यूरोपियन सैनिकों की संख्या बढ़ा दी गई।

(3) ब्रिटिश मंत्रिमण्डल में भारतीय मंत्री की नियुक्ति की गई।

(4) भारतीयों को बिना भेदभाव के नौकरियाँ देने का वचन दिया गया।

(5) देशी राज्यों को हड़पने की नीति का अंत कर दिया गया।


सन् 1857 की क्रान्ति महत्व-

(1) इस संग्राम में भारतीय जनता तथा सैनिकों ने मिलकर अंग्रेजों का सामना किया। 

(2) इस संग्राम में सब जातियों ने मिलकर स्वतंत्रता प्राप्ति के लिये संघर्ष किया। 

(3) इस विद्रोह ने अंग्रेज अधिकारियों की आँखें खोल दी, अत: भारतीयों को सन्तुष्ट करने के लिए उन्हें शासन में अनेक सुधार करने पड़े।

(4) इस स्वतंत्रता संग्राम से प्रेरणा पाकर आने वाली पीढ़ियों ने अंग्रेजों के विरुद्ध अपना संघर्ष जारी रखा।





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