सन् 1857 की क्रान्ति की असफलता के कारण 1857 ki kranti

सन् 1857 की क्रान्ति की असफलता के कारण 1857 ki kranti

 सन् 1857 की क्रान्ति की असफलता के कारण 

1857 की क्रान्ति की असफलता के निम्नलिखित कारण थे- 

सन् 1857 की क्रान्ति की असफलता के कारण


(1) क्रान्तिकारी आन्दोलन का क्षेत्र सीमित होना।

(2) क्रान्तिकारी आन्दोलन का आरम्भ समय से पूर्व हो जाने के कारण भारतीय जनता पूर्ण-रूपेण क्रान्तिकारियों का साथ न दे सकी।

(3) अहिंसावादी लोगों ने क्रान्तिकारियों का समर्थन नहीं किया।

(4) अंग्रेजों ने दमनकारी नीति द्वारा इस आन्दोलन को कुचल दिया।

(5) क्रान्ति की विफलता का मुख्य कारण क्रान्ति की योजना को व्यवस्थित ढंग से तैयार न करना था।

(6) ऐसा कोई केन्द्रीय संगठन नहीं था, जो क्रान्ति का उचित ढंग से संचालन करता।

(7) क्रान्तिकारियों के पास पुराने ढंग के अस्त्र-शस्त्र थे, जबकि अंग्रेजों के पास आधुनिक ढंग के अस्त्र-शस्त्र थे।



सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के उत्तरदायी चार कारण-

सन् 1857 का विद्रोह उस भावना का परिणाम था, जो कि भारतीयों के मन में अंग्रेजी शासन के अत्याचारों के विरुद्ध उस समय से संचित हो रही थी, जब से अंग्रेजों ने भारत पर अधिकार कर लिया। इस विद्रोह के आधारभूत नात्कालिक कारण निम्नलिखित हैं-

(1) राजनीतिक कारण-- अंग्रेजों की नीति के कारण देश में बहुत असंतोष था। लॉर्ड डलहौजी की हड़पनीति ने इस अग्नि में घृत का कार्य किया। सतारा, नागपुर, झाँसी तथा अवध को अंग्रेजी राज्य में मिलाने, पेंशन बन्द करने तथा मुगल सम्राट की उपाधि को अमान्य करने से राजा तथा जनता अत्यन्त क्रुद्ध हो गई थीं।

(2) सामाजिक तथा धार्मिक कारण-ईसाइयों के धर्म प्रचार करने, लोगों को लालच देकर ईसाई बनाने, सती प्रथा बन्द करने, विधवा विवाह को लागू करने, हिन्दू धर्म की निन्दा करने आदि से भारतीय जनता अंग्रेजों के विरुद्ध हो गई। अंग्रेजी शिक्षा, रेल, डाक, तार आदि व्यवस्था को भी भारतीय शंका की दृष्टि से देखते थे।

(3) आर्थिक कारण-अंग्रेजों की स्वार्थपूर्ण नीति के कारण इंग्लैड का व्यापार उन्नति कर रहा था और
भारत के उद्योग धंधे नष्ट हो रहे थे। भारत का बहुत-सा धन विदेशों में जा रहा था। देश में गरीबी व दरिद्रता
बढ़ती जा रही थी।




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