mahamrityunjay mantra in Hindi महामृत्युंजय मंत्र

mahamrityunjay mantra in Hindi महामृत्युंजय मंत्र

महामृत्युंजय मंत्र

महामृत्युंजय मंत्र    ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ


ॐ हौं जूं सः ॐ भूर्भुवः स्वः ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात् ॐ स्वः भुवः भूः ॐ सः जूं हौं ॐ



mahamrityunjay mantra Meaning In Hindi:


महामृत्युंजय मंत्र से क्या लाभ?

ऐसा कहा जाता हैं कि जो इस Mahamrityunjay Mantra का जाप करता है उससे भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं। कई लोगों का ऐसा भी मनना है कि महामृत्युंजय मंत्र के जाप से व्यक्ति की मृत्यु ही नहीं होती। ... महामृत्युंजय मंत्र के जाप से व्यक्ति को मोक्ष प्राप्त होता है। उसकी मृत्यु कष्टकारी नहीं होती।


महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ क्या है?

महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ क्या है?


महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात। महामृत्युंजय मंत्र-संस्कृत में महामृत्युंजय उस व्यक्ति को कहते हैं जो मृत्यु को जीतने वाला हो। ऋग्वेद से लेकर यजुर्वेद में भी इस मंत्र का उल्लेख मिलता हैं।


महामृत्युंजय मंत्र का कितनी बार जप करना चाहिए?

यदि भय से छुटकारा पाना चाहते हैं तो 1100 बार Mahamrityunjay Mantra का जप करें। -रोगों से यदि मुक्ति पाना चाहते हैं तो 11000 मंत्रों का जप करें। -पुत्र की प्राप्ति और अकाल मृत्यु से बचने के लिए सवा लाख की संख्या में Mahamrityunjay mantra जप किया जाता है।


महामृत्युंजय मंत्र जप कैसे करना चाहिए?

महामृत्युंजय मंत्र का जप करते Time उच्चारण होठों से बाहर नहीं आना चाहिए। यद‍ि ऐसा करने का आपको अभ्यास न हो तो धीमे स्‍वर में ही इसका जप करें। जप हमेशा पूर्व दिशा की ओर मुख करके ही करें। इसके अलावा यह भी ध्‍यान रखें क‍ि इस मंत्र जप एक निर्धारित स्‍थान पर ही करें




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