Unnao Rape Case: इन तीन महिला अधिकारियों ने नहीं सुनी थी रेप पीड़िता की गुहार

Unnao Rape Case: इन तीन महिला अधिकारियों ने नहीं सुनी थी रेप पीड़िता की गुहार

उन्नाव के चर्चित कुलदीप सिंह सिंगर Rape Case में एक अहम मोड़ निकल कर सामने आया है पूरे मामले की जांच कर रही सीबीआई ने इस जिले के तत्कालीन बड़े अफसरों को दोषी माना है 



CBI ने अपनी जांच में डीएम आदिति सिंह आईपीएस नेहा पांडे को दोषी माना है सीबीआई की जांच में पता चला है कि रेप पीड़िता की शिकायत और बयान के बाद भी इन महिला अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की थी सीबीआई ने इन महिला अधिकारियों को विभागीय कार्यवाही करने की सिफारिश की है 


दरअसल 2009 बैच के आईएएस आदिति सिंह 24 जनवरी 2017 - 26 अक्टूबर 2017 तक उन्नाव में तैनात थी और इसी दौरान रेप पीड़िता ने कई बार शिकायत की लेकिन कोई भी ध्यान नहीं दिया गया


वही 2006 बैच की पुष्पांजलि सिंह 27 अक्टूबर 2017 से 30 अप्रैल 2018 तक उन्नाव में तत्कालीन एसपी थी इन पर आरोप है कि इन्होंने भी रेप पीड़िता की शिकायत पर ध्यान नहीं दिया गया और यहां तक कि जब रेप पीड़िता के पिता को पीटा गया और उनकी मौत हो गई तब भी एसपी ने कोई भी एक्शन नहीं लिया और केस को दबाने की कोशिश भी की 


2009 बैच की नेहा पांडे उन्नाव में 2 फरवरी 2016 से 26 अक्टूबर 2017 तक एसपी थी सीबीआई ने जांच में पाया कि नेहा पांडे अपने पद में रहते हुए भी रेप पीड़िता की कोई मदद नहीं की, रेप पीड़िता उन्हें बार-बार पत्र लिखती रहें लेकिन उन्होंने इन पत्रों को नजरअंदाज कर दिया 


उन्नाव में कुलदीप सिंगर और उसके साथियों ने 2017 में नाबालिग लड़की को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया था इसके बाद मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी 


सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद यह मामला दिल्ली में तीस हजारी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया और पूरी सुनवाई हुई कुलदीप सिंह सेंगर को तीस हजारी कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई इसके अलावा उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हत्या करने के मामले में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने कुलदीप सिंह सेंगर और उसके साथियों को 10 साल कैद की सजा सुनाई है



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