दुनिया भर में मशहूर बलूचिस्तान की यह पत्थर की रोटी कैसे बनाई जाती है How is this stone bread made in Balochistan famous all over the world?

दुनिया भर में मशहूर बलूचिस्तान की यह पत्थर की रोटी कैसे बनाई जाती है How is this stone bread made in Balochistan famous all over the world?

चपाती, रोमानी, नान, तंदूरी, बाकरखानी इन सभी रोटी को आपने कभी ना कभी चखा होगा लेकिन क्या आपने कभी पत्थर की रोटी खाई है 
How is this stone bread made in Balochistan famous all over the world?


पाकिस्तान का बलूचिस्तान शुभा दुनिया भर के खाने के लिए बहुत ही प्रसिद्ध है  इन्हीं प्रसिद्ध स्थानों में से एक है पत्थर की रोटी यह बनती कैसे है इसको जानने से पहले आपको यह बताते हैं कि इसका इजात कैसे हुआ-

बलूचिस्तान में चरवाहे अपने बकरियों को चराने के लिए दुर्गम पहाड़ी इलाकों में ले जाया करते हैं वहां वह कई दिनों तक रहते हैं चरवाहे अपने साथ कुछ छोटे-मोटे बर्तन आटे चीनी और कुछ खाने के सामान लेकर जाते हैं और इन पहाड़ी इलाकों में खाना बनाना या ढूंढना किसी चुनौती से कम नहीं होता है ऐसी परिस्थिति में इस पत्थर वाले रोटी का इजात हुआ इस रोटी को कार्क रोटी या कोरना रोटी के नाम से भी जाना जाता है और धीरे-धीरे यह इतना प्रसिद्ध हुआ कि बलूचिस्तान ट्रेडीशनल फूड में शामिल हो गया

पत्थर की रोटी कैसे बनाई जाती है:
पहला स्टेप-
यह रोटी बनाने के लिए सबसे पहले गोल या सही पत्थर का चुनाव करना होता है जिस पराठे को आसानी से लपेटा जा सकें 

दूसरा स्टेप-
दूसरे स्टेप में आग जलाई जाती है और इस आग में चुने हुए पत्थर को 20 से 30 मिनट के लिए रख दिया जाता है इस दौरान एक बात का ध्यान रखा जाता है कि आग में कुछ पत्थर टूट जाते हैं इसलिए कुछ एक्स्ट्रा पत्थर रखा जाता है

तीसरा स्टेप-
जब तक आग में रखा हुआ पत्थर गर्म हो तब तक आटे को अच्छे से गूथ लेते हैं आटा गूथते वक्त इसमें स्वाद के अनुसार नमक मिला लेते पार्टी को टाइट गूंथा जाता है जिससे वह आसानी से पत्थर पर लिपट जाए

चौथा स्टेप-
चौथे स्टेप में पत्थर के बराबर आटे के पेड़े बना लिए जाते हैं पत्थर को आग से बाहर निकाल लिया जाता है और उसे फिर अच्छे से साफ कर लिया जाता है और इस दौरान यह भी देखा जाता है कि पत्थर बहुत ज्यादा गर्म तो नहीं है जिससे रोटियां जल जाए फिर पेड़े को पत्थर के ऊपर धीरे-धीरे रख दिया जाता है

पांचवा स्टेप-
पांचवें स्टेट में आटे से लिपटे पत्थर को आग की आंच में पकाया जाता है पकाते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाता है कि आग की आंच ज्यादा तेज ना हो जिससे से रोटी जल जाए 

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में रहने वाले चरवाहों की जिंदगी चुनौतियों से भरी हुई है महीनों तक अकेले वालों में घूमने वाले यह लोग पत्थर से बनी हुई रोटी से अपना पेट भरते हैं



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