ज्योतिष शास्त्र के रहस्य Joytish Shastra ke Rahasya! Mystery of Astrology.

ज्योतिष शास्त्र के रहस्य Joytish Shastra ke Rahasya! Mystery of Astrology.

ज्योतिष शास्त्र के रहस्य Joytish Shastra ke Rahasya!

ज्योतिष शास्त्र हिंदू धर्म की प्राचीन विद्याओं में से एक है ज्योतिष शास्त्र में मनुष्य के सही जन्म तिथि, समय, दिन  नौ ग्रहों की घटनाएं और कुछ विशेष कैलकुलेशन के द्वारा यह पता है लगाया जा सकता है कि जीवन में कब कौन सी घटनाएं घटित होगी

और कुछ खास रत्नों के द्वारा उसके जीवन में आने वाली कठिनाइयों का निवारण किया जा सकता है लेकिन आज हम आपको ज्योतिष स्वास्थ्य के बारे में कुछ ऐसे रहस्य बताने जा रहे हैं जो शायद ही आप सुने होंगे

इस ब्रम्हांड में जो कुछ भी है वह सब ईश्वर के द्वारा बनाया गया है और उन सभी चीजों का अपना एक अर्थ और कार्य है इसी तरह नौ ग्रहों की रचना भी ईश्वर द्वारा की गई है जो ब्रह्मांड में कुछ खास जगहों पर व्यवस्थित किए गए हैं

ग्रहों में दया या किसी को परेशान करने की भावना नहीं होती है यह गृह तो केवल धनात्मक और ऋणात्मक किरणे उत्सर्जित करते हैं  यह आप में से किसी को भी लाभ या हानि नहीं पहुंचाते मनुष्य का जन्म उसके पिछले जन्म में किए गए अच्छे या बुरे कर्मों के कारण एक खास दिन समय वार नक्षत्र में होता है 

और इस समय वार नक्षत्र के साथ नौ ग्रहों की गणना करके उनमें कौन सी घटना घटित होगी  उसका पता लगाया जा सकता है ज्योतिष में नवग्रहों की गणना के द्वारा बताया गया उसका भविष्य केवल उसके किए गए पिछले जन्म के कर्मों का हिसाब हैं लेकिन इस जन्म में में किए गए कर्मों का ग्रहों के पास कोई भी हिसाब नहीं होता है

मनुष्य का तो जन्म ही उसके पिछले किए गए कर्मों और इच्छाओं के साथ ही होता है हमारे साधु-संतों ने मनुष्य के गत कर्मों के बुरे प्रभाव को कम करने के लिए ज्योतिष विद्या का निर्माण किया है जिसके द्वारा नक्षत्रों की गणना कर अपने बुरे कर्मों को गृह साधना विधि या रत्नों को धारण करके या किसी और विधि के द्वारा कम किया जा सकता है या पूरी तरह से खत्म किया जा सकता है





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