सरकार देगी आपकी सैलरी MSME.

सरकार देगी आपकी सैलरी MSME.

भारत खपत आधारित अर्थव्यवस्था वाला देश है आसान भाषा में कहा जाए तो जितना भारतीय खर्च करते हैं उतना भारत की इकोनामी बढ़ जाती है यानी जितना ज्यादा खर्च घूमने फिरने खाने पीने, कार एसी और मोबाइल खरीदने पर करेंगे उतना ही भारत की आर्थिक रफ्तार तेज होती जाएगी लेकिन अगर आर्थिक माहौल कोरोना काल की तरह खतरनाक होने लगे और काम धंधा में सब मंदी आ जाए तो लोग खर्च करने से परहेज करते हैं

जब पैसा खर्च नहीं होता तो इकोनामी का पहिया धीरे हो जाता है डिमांड घट जाती है और बिक्री सिकुड़ जाती है और हालात कमजोर हो जाती है इसीलिए सरकारे राहत पैकेज लाती है जिससे उद्योग और राहत लोगों को मदद मिले और वो लोगों को ना निकाले और ना ही सैलरी काटे उल्टा नए लोगों को नौकरी देने का काम करें सरकार का 20 लाख करोड़ रुपए का राहत पैकेज भी इसीलिए दिया गया था लेकिन इसका असर देखने के लिए वक्त लगेगा छटनी होने और सैलरी कट करने का सिलसिला जारी रह सकता है लिहाजा सरकार ने प्राइवेट सेक्टर में काम करने वालों की नौकरी देने का बंदोबस्त बनाई है


इसके तहत MSME काम करने वाले लोगों को सरकार एक लाख करोड़ रुपए की मदद कर सकती है यह रकम अगले 3 साल MSME में काम करने वाले लोगों बतौर तनख्वाह दी जाएगी  लेकिन इसके लिए MSME को जुड़ने का आधार एक तय सीमा में काम करने वाले कर्मचारियों को बनाया जाएगा

दरअसल MSME रोजगार एक बड़ा जरिया है और यह लोग अपनी तनख्वाह का बड़ा हिस्सा खर्च करते हैं जो देश की अर्थव्यवस्था को गति देने का काम करता है फिलहाल देश में 6 करोड़ MSME है विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार का यह बड़ा कदम अर्थव्यवस्था को जल्द पटरी में ला सकता है 

अगर कोरोनावायरस kaal me मंदी आने की वजह से बड़ी संख्या में MSME संकट में फंसती है तो देश में बेरोजगारी बढ़ेगी जो सामाजिक संकट को बढ़ावा दे सकती है अब इंडस्ट्री और कर्मचारियों की मदद करके सरकार MSME को बचाने और आर्थिक रफ्तार बढ़ाने में सफल हो सकती है

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