मंत्रिमंडल विस्तार करके मुश्किल में फंसे सीएम शिवराज

मंत्रिमंडल विस्तार करके मुश्किल में फंसे सीएम शिवराज

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष NP प्रजापति की याचिका पर CM Shivraj singh chauhan और मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है

NP प्रजापति ने शिवराज मंत्रिमंडल के आकार को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है एनपी प्रजापति ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके सवाल उठाया है कि शिवराज मंत्रिमंडल का आकार विधानसभा में सदस्यों की संख्या को देखते हुए वैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है

याचिका में कहा गया है वर्तमान विधानसभा सदस्यों की संख्या के मुताबिक 34 मंत्रि नहीं बनाए जा सकते विधानसभा में जितनी सदस्य संख्या है उसके हिसाब से विधानसभा में कुल 10 फ़ीसदी से ज्यादा मंत्री नहीं बनाए जा सकते यह वैधानिक व्यवस्था है 

लेकिन शिवराज मंत्रिमंडल में तय संख्या से ज्यादा मंत्री बनाए गए हैं प्रजापति ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है अभी हाल में शिवराज कैबिनेट में मंत्री के पद का बटवारा हुआ है बीजेपी के अंदर से भी कुछ नाराजगी सामने आई है जो ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे को ज्यादा तरजीह दी गई है 

ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी माने जाने वाले गोविंद सिंह राजपूत को राजस्व और परिवहन विभाग दिया गया ऐसे ही इमरती देवी को महिला एवं विकास विभाग का मंत्री बनाया गया

कमलनाथ सरकार में भी गोविंद सिंह राजपूत और इमरती देवी के पास भी इसी विभाग की जिम्मेदारी थी वही कमलनाथ सरकार में तुलसी सिलावट स्वास्थ्य मंत्री थे लेकिन शिवराज सरकार में उन्हें जल संसाधन विभाग की जिम्मेदारी सौंपी है जबकि स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी सिंधिया के करीबी डॉक्टर प्रभु राम को ही सौंपी गई है

इससे पहले कमलनाथ सरकार में प्रभु राम चौधरी बेसिक शिक्षा मंत्री थी अब कांग्रेस नेता और पूर्व स्पीकर प्रजापति ने अदालत में कहा है नियम के खिलाफ मंत्री पद बांटे गए हैं जिस पर कोर्ट संज्ञान ले

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