MP की shivraj sarkar ने क्या coronavirus मरीजों के डाटा के साथ की गड़बड़ी?

MP की shivraj sarkar ने क्या coronavirus मरीजों के डाटा के साथ की गड़बड़ी?

Coronavirus के चलते लोगों तक पहुंचने में सरकारें तकनीकी का सहारा भी ले रही है केंद्र सरकार ने आरोग्य सेतु एप बनाया है इसके जरिए कोरोना की पूरी जानकारी ले सकते हैं इस ऐप से आसपास कोरोनावायरस संक्रमित व्यक्ति का पता भी चलता है
Arogya app

लेकिन आरोग्य सेतु ऐप की प्राइवेसी को लेकर सवाल उठे इसके बाद सरकार को जवाब देना पड़ा अब यह विवाद चल ही रहा था कि मध्य प्रदेश सरकार का एक ऐप भी सवालों के घेरे में आ गया

इस ऐप का नाम है सार्थक ऐप  इसे मध्य प्रदेश एजेंसी फॉर प्रमोशन ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ने बनाया है यह राज्य सरकार के विज्ञान और तकनीकी के अधीन आती है मध्य प्रदेश सरकार सार्थक ऐप के जरिए कोरोना पॉजिटिव और संदिग्ध लोगों पर नजर रखती है जिन लोगों को होम क्वॉरेंटाइन में रखने को कहा जाता है उन्हें यह ऐप अपने मोबाइल में रखना होता है

एप डाटा बेस में क्वॉरेंटाइन किए जाने वाले लोगों उनका नाम उनके जिले का नाम उनका मोबाइल नंबर और रियल टाइम लोकेशन भी दर्ज होती है यह जानकारी एक मध्य प्रदेश की वेबसाइट geoportal.mp.gov.in पर दर्ज हो रही थी लेकिन समस्या वेबसाइट पर मौजूद जानकारी लोग भी देख सकते थे यानी कि सार्वजनिक जबकि इस तरह की डिटेल को सार्वजनिक नहीं किया जाता.

फ्रांस के एक कंप्यूटर प्रोग्रामर ने इस बारे में ट्वीट करके जानकारी थी Elliot alderson नामक यूज़र ने बाकायदा वेबसाइट पर दी गई जानकारी के स्क्रीनशॉट पोस्ट किए
और यह वही है जिन्होंने आरोग्य सेतु ऐप की खामियों के बारे में लिखा था

सार्थक ऐप बनाने वाली ट्विटर आईडी ने भी इसका जवाब दिया उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी ली जा रही है तब तक के लिए डैशबोर्ड को हटा लिया गया है.

आपको यह भी बता दें कि कोरोना मरीज के नाम व डिटेल खुलासा करने की मनाही है केरल ने बकायदा मरीजों की गोपनीयता के लिए एक एडवाइजरी जारी कर रखी है इसमें कहा गया था कि कोरोना मरीजों या क्वॉरेंटाइन किए गए लोगों की पहचान उजागर नहीं करनी है लेकिन एमपी सरकार की इस वेबसाइट में खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है

ऐप डेटाबेस की खामी पता चलने के बाद वेबसाइट को ऑफलाइन कर दिया गया है अब एक्सेस के लिए ऑथराइजेशन की जरूरत होगी.

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