Israel के corona vaccine और Antibody बनाने के दावे का मतलब क्या है

Israel के corona vaccine और Antibody बनाने के दावे का मतलब क्या है

वैक्सीन को लेकर इजरायल के दावे में कितना दम है

Coronavirus का इलाज ढुढने के लिए दुनिया भर में कई ट्रायल चल रहे हैं अब इसराइल ने दावा किया है कि उसने कोरोना वायरस को खत्म करने वाला एंटीबॉडी विकसित कर लिया है इजरायल के रक्षा मंत्री ने दावा किया देश के मुख्य जैविक अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकों ने कोरोनावायरस के लिए एक एंटीबॉडी विकसित करने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है 

इस जारी है बयान में कहा गया है कि एंटीबॉडी शरीर पर अटैक करता है और वायरस को बेअसर कर देता है रक्षा मंत्री के मुताबिक एंटीबॉडी को विकसित करने का काम पूरा हो चुका है और संस्थान इसे पेटेंट कराने की तैयारी में है जिसके बाद इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन का काम शुरू किया जाएगा इसराइल के रक्षा मंत्रालय के ट्विटर हैंडल पर इससे जुड़े 3 ट्वीट किए गए हैं इनमें लिखा गया है 

पिछले 2 दिनों में IIBR एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सफलता हासिल की है संस्था ने एक ऐसा एंटीबॉडी बनाया है जो corona वायरस को बेअसर कर देगी
दूसरे ट्वीट में लिखा है प्रमुख पैरामीटर 1 एंटीबॉडी मोनोक्लोनल नई और शुद्ध है इसमें हानिकारक प्रोटीन की मात्रा कम है, एंटीबॉडी कोरोनावायरस को बेअसर कर सकती है, जानलेवा तरह के इस corona वायरस पर एंटीबॉडी पर खासतौर से इसका परीक्षण किया गया है.

तीसरे ट्वीट के मुताबिक अगर दुनिया भर के वैज्ञानिक पब्लिकेशन को देखा जाए तो ऐसा लगता है IIBR पहला संस्थान है जो कि उपरोक्त तीनों मापदंडों को एक साथ पूरा करने में सफलता हासिल की है इजरायल के रक्षा मंत्री बैनेट ने IIBR का दौरा किया और एक वैक्सीन तैयार करने का आदेश दिया रक्षा मंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक रक्षा मंत्री को लैब में एंटीबॉडी दिखाई गई जो वायरस पर मोनोक्लोनल तरीके से हमला करती है और बीमार व्यक्ति के शरीर में वायरस को बेअसर कर देती है बयान के मुताबिक एंटीबॉडी का काम पूरा हो चुका था और संस्थान इसे पेटेंट कराने की तैयारी में है इस प्रक्रिया के अगले चरण में रिसर्चर कई कंपनियों से संपर्क करेंगे ताकि वाणिज्य स्तर पर एंटीबॉडी का उत्पादन किया जा सकें!

रक्षा मंत्री बैंक ने कहा है कि मुझे इस अपार सफलता के लिए संस्थान के कर्मचारियों पर गर्व है उनकी रचनात्मकता ने इस उपलब्धि का मार्ग खोज दिया इस साल मार्च में एक इजरायली अखबार ने मेडिकल सोर्स के हवाले से बताया था कि संस्थान के वैज्ञानिकों ने वायरस के जैविक तंत्र और गुणों को समझने में अहम सफलता हासिल की है

मोनोक्लोनल एंटीबॉडी क्या होता है

अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टिट्यूट के मुताबिक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी एक तरह का प्रोटीन होता है जिसे लैब में बनाया जाता है जिसे मरीज के शरीर में मौजूद दुश्मन सेल्स से जाकर चिपक जाता है कई तरह के मोनोक्लोनल एंटीबॉडी होते हैं मोनोक्लोनल एंटीबॉडी का इस्तेमाल पहले भी कई तरह के कैंसर के ट्रीटमेंट में होता रहा है दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में मेडिकल डिपार्टमेंट के वाइस चेयरमैन अतुल कक्कड़ कहते हैं कि मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कोई नई चीज नहीं है पहले भी इसका इस्तेमाल कैंसर गाठिया और कई तरह के इन्फेक्शन में होता रहा है मोनोक्लोनल एंटीबॉडी रेडीमेड होता है मोनोक्लोनल एंटीबॉडी एक टारगेट पर काम करती है
मोनोक्लोनल एंटीबॉडी संक्रमित सेल्स पर जाकर चिपक जाती है और उसे बेअसर कर देती है

डॉक्टर अतुल कक्कड़ के मुताबिक हमें जिस तरह सेल्स की जरूरत होती है उसे पहले जानवर में इंजेक्ट किया जाता है जानवर को लैब में ले जाया जाता है लीवर के बिल्कुल पास तिल्ली नामक जगह मे एक अंग होता है जानवर के इस अंग में एंटीबॉडी बनता है एंटीबॉडी और तिल्ली के सेल्स को फ्यूज करके एक हाइब्रिड बनता है हाइब्रिड मतलब मिश्रण इससे ही एंटीबॉडी बनता है जिसकी जरूरत होती है जिसे निकालकर इंसानों को दिया जाता है लकी डॉक्टर कक्कड़ कहते हैं कि इसराइल के परीक्षण की जानकारी आने के बाद ही पता चलेगा कि यह तरीका कोरोना वायरस पर कितना काम कर सकता है उनका कहना है कि जब तक पेपर पब्लिक नहीं होगा और हमें डिटेल नहीं मिलेगी तब तक कुछ कह नहीं सकतें

इसराइल मामलों के जानकारो के मुताबिक रिसर्चरो बताया है कि उन्होंने ऐसे प्रोटीन की पहचान की है जो मरीज के अंदर वायरस खत्म करने को सक्षम है संस्थान जल्द ही इन फाइंडिंग के बारे में पेपर पब्लिश करेगा अभी इस एंटीबॉडी के बारे में और जानकारी नहीं दी गई है ना ही बयान पर बताया गया है कि इंसान पर एंटीबॉडी का ट्रायल करके देखा गया कि नहीं 

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