Coronavirus: Feluda test kit जो दुनिया अभी तक नहीं कर पाई वह भारत करने जा रहा है

Coronavirus: Feluda test kit जो दुनिया अभी तक नहीं कर पाई वह भारत करने जा रहा है

Corona Feluda test kit

Feluda यानी FNCAS9 EDITOR LINKED UNIFORM DETECTION ASSAY इस टेस्ट किट को लेकर पर सरकार ने एक नया दावा कर दिया है जिसने दुनिया भर में तहलका मचा दिया है Feluda test kit 1-2 घंटे में बता देगीं कि व्यक्ति को कोरोना पॉजिटिव है कि नहीं.
और इस टेस्ट किट में खर्चा भी 300 से ₹500 के बीच में आएगा 
Feluda test kit, feluda

ऐसे वक्त में जब पूरी दुनिया को corona का इलाज और रैपिड टेस्ट किट ढूंढ रही भारत के वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद यानी कि csir ने एक नए तरह के टेस्ट को एजाद करने दावा किया हैं इसके तहत एक पतली सी स्ट्रिप होगी और दो धारी दिखी नहीं कि आपको पता चल जाएगा कि आप कोरोना पॉजिटिव हैं 

कैसे काम करेगा यह टेस्ट

CSIR के डायरेक्टर डॉ शेखर मांडे ने बताया कि यह टेस्ट ना तो रैपिड टेस्ट है ना ही RT-PCR test यह एक तीसरे तरह का RNA बेस्ड टेस्ट है जो एक पेपर बेस्ड होगा जिसमें एक सलूशन लगा होगा coronavirus के RNA को निकालने के बाद पेपर पर रखते ही एक था खास तरह का बैड देखने को मिलता है जिससे पता चलता है कि मरीज कोरोनावायरस है या नहीं.

इस स्ट्रिप को दो साइंटिस्ट ने डिजाइन किया है देवज्योति चक्रवर्ती और सौविक मैती यह दोनों बंगाल के रहने वाले हैं और एक साथ काम करते हैं

पिछले दिनों भारत में चीन से रैपिड टेस्ट किट मंगाई थी जिसमें नतीजे ठीक नहीं आए तीन राज्य सरकारों ने शिकायत की तो खुद ICMR ने इस रैपिड टेस्ट किट की जांच की उनकी जांच में भी वह kit फेल हो गए तो भारत ने चीन को वह kit वापस कर दिया भारत सरकार टेस्टिंग की प्रक्रिया को तेजी लाने में टेस्टिंग किट magana चाहती थी

क्या इस पेपर kit के बाद रैपिड टेस्ट किट की जरूरत नहीं पड़ेगी

इस पर CSIR के डायरेक्टर डॉ शेखर मांडे कहते हैं यह टेस्ट किट किसी से बेहतर या खराब नहीं होता दरअसल RT-PCR test करने में बहुत समय लगता है और इसका खर्च भी को ज्यादा होता है पेपर बेस्ड टेस्ट किट में समय भी कम लगेगा और इसका कीमत भी कम है पेपर बेस्ड टेस्ट kit me सैंपल देने के बाद नतीजे आने में 1 से 2 घंटे के समय लगेगा

टेस्ट की गुणवत्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि rt-pcr की टेस्ट की तरह ही इस टेस्ट किट के भी नतीजे बिलकुल सही जा रहे हैं

कितने दिन में बना यह टेस्ट

भारत के वैज्ञानिक जनवरी से ही इस टेस्ट को बनाने में जुट गए थे और 4 अप्रैल के आस-पास ही गया तैयार हो गया था भारत सरकार से इस तकनीकी को आगे बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है और टाटा के साथ मिलकर इसे बनाने का करार भी कर लिया गया है डॉ शेखर मांडे के अनुसार मई महीने के अंत तक यह टेस्ट शुरू हो जाते हैं

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