Corona काल में घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों के किराए पर 'सियासी घमासान'

Corona काल में घर लौट रहे प्रवासी मजदूरों के किराए पर 'सियासी घमासान'

प्रवासी मजदूरों से किराया लेने पर मचा सियासी बवाल.

1. Corona काल में घर लौट रहे प्रवासी मजदूर
2. प्रवासी मजदूरों से रेल किराया लेने पर मचा सियासी बवाल
3. सोनिया गांधी ने खेला मास्टर स्ट्रोक
4. मजदूरों के रेल किराए के भुगतान का किया ऐलान
4. सोनिया के ऐलान से बैकफुट पर आई सरकार
5. सियासी घमासान के बाद रेलवे ने दी सफाई
6. रेलवे ने नहीं राज्य सरकारों ने लूटा मानक किराया
प्रवासी मजदूरों से किराया लेने पर मचा सियासी बवाल.

लॉकडाउन के चलते देश मे अलग अलग राज्य में फंसे प्रवासी मजदूरों को रेलवे के जरिए घर पहुंचाने की कोशिश में केंद्र सरकार और प्रदेश की सरकारी लगी हुई है इन मजदूरों से वैसे तो रेलवे किराया नहीं ले रहा है लेकिन कुछ राज्यों में मजदूरों से किराए का कुछ हिस्सा लिया गया है और इसी को लेकर देश में जमकर सियासत हो रही है

इसी कड़ी में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार सुबह प्रवासी मजदूरों के घर वापसी का रेल किराया का भुगतान कांग्रेस की तरफ से किए जाने का ऐलान कर एक बड़ा सियासी दांव खेला है

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष ने यह मास्टर स्ट्रोक राहुल गांधी से हुई बातचीत के बाद खेला कांग्रेस की ओर से सोमवार सुबह इस ट्वीट किया गया जिसमें कहा गया कि कांग्रेस घर लौट रहे जरूरतमंद मजदूरों की रेल यात्रा की टिकट का खर्च वहन करेगी.

सोनिया गांधी की घोषणा के बाद कांग्रेस कोषाध्यक्ष और सोनिया के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल ने ट्वीट करके सभी प्रदेश इकाइयों से स्थानीय स्तर पर सभी संभव समाधान जुटाने और मजदूरों के रेल किराए का भुगतान करने के लिए कहा है अहमद पटेल ने यह भी कहा अगर किसी को किसी तरह की जरूरत हो तो अखिल कांग्रेस कमेटी से संपर्क करें

वहीं कांग्रेस के इस ऐलान के बाद से देश में सियासी घमासान शुरू हो गया है सोनिया के ऐलान के बाद भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करके जानकारी दी कि उनकी इस मुद्दे पर रेल मंत्री पीयूष गोयल से बात हुई है और रेल किराए का भुगतान केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर करेंगी

वहीं रेलवे ने भी साफ किया है कि उसने प्रवासी मजदूरों को कोई टिकट नहीं बेचा है रेलवे के मुताबिक रेलवे ने केवल राज्य सरकारों से मानक किराया वसूला है जो रेलवे की कुल लागत का महज 15 फ़ीसदी है रेलवे ने मजदूरों से कोई किराया नहीं लिया है बता दे कि देश मे लॉकडाउन का तीसरा चरण आज से शुरू हुआ है तो वहीं देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए रेलवे ने देशभर में अब तक 30 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाई है ताकि संकट के समय में विशेष रूप से गरीब लोग सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा करके अपने घर पहुंच सके रेलवे इन यात्राओं के दौरान कोरोनावायरस नियमों का पूरी तरह से पालन कर रहा है लेकिन इस मामले को लेकर जिस तरह सियासत शुरू हुई है वह सोचने पर मजबूर कर रही

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