आतंक के खिलाफ बड़ा फैसला: ना मिलेगी आतंकवादी की बॉडी, ना कब्र का पता

आतंक के खिलाफ बड़ा फैसला: ना मिलेगी आतंकवादी की बॉडी, ना कब्र का पता

आतंक के खिलाफ बड़ा फैसला: 

आतंक के खिलाफ बड़ा फैसला
आतंकियों को हीरो बनाने का ड्रामा बंद
परिवार को ना मिलेगी बॉडी
ना दिया जाएगा कब्र का पता

एनकाउंटर में मारे गए आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर रियाज का शव परिवार को न दिया, सारी कार्रवाई पूरी करने के बाद प्रशासन ही उसका अंतिम संस्कार करेगा आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में यह एक बड़ा फैसला लिया गया है ताकि आतंकवादियों को हीरो बनाने का सिलसिला बंद किया जा सकें! पहले भी विदेशी आतंकवाद के खिलाफ यही तरीका अपनाता रहा है

सेना की नई रणनीति

फुल मुजाहिद्दीन के मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी रियाज के एनकाउंटर में मारे जाने के बाद सेना ने यह कहा कि केवल दो आतंकवादी मारे गए हैं सेना ने बताया कि उनकी नजर में यह कोई बड़ा आतंकवादियों टॉप कमांडर नहीं है केवल एक आतंकवादी है यहां तक कि सेना के ट्वीट में रियाज नायकु के नाम का कोई जिक्र नहीं था, हसीना की नई रणनीति है जिसकी शुरुआत लॉकडाउन उनके कारण ही हुई है

क्यों आया यह फैसला

दरअसल एक पाकिस्तानी आतंकवादी के मारे जाने पर उसके जनाजे में बड़ी तादाद में लोग इकट्ठा हुए थे उसके बाद यह फैसला लिया गया है सेना और प्रशासन दोनों का ही मानना था कि मारे गए आतंकवादी के जनाजे का इस्तेमाल नई भर्तियों के लिए किया जाता है जनाजे में आतंकवादी भी शामिल होते हैं और स्थानीय युवाओं को भड़का कर आतंकवादी बनाने के लिए उकसाया जाता है रियाज नायकु को भी ऐसे ही जनाजे में शामिल हुआ था और उसने राइफल से फायरिंग भी की थी सेनाओं प्रशासन इसे सिरे से बंद करना चाहती है इसलिए किसी आतंकवादी का शव उनके परिवार को नहीं दिया जाएगा

हालांकि घरवालों के मामले पर मृत आतंकी के डीएनए सैंपल के जरिए उनकी मृत होने की पुष्टि कर दी जाएगी उनके दफनाने की जिम्मेदारी अब से प्रशासन ही संभालेगा

नायकु के समर्थकों ने की सुरक्षा बलों पर पत्थरबाजी

कश्मीर के मोस्ट वांटेड हिज्बुल मुजाहिदीन के टॉप कमांडर आतंकी रियाज की मौत के बाद अब अवंतीपुरा की स्थानीय लोग उनके समर्थक में खड़े हो गए जिस जगह नायकु को मारा गया उस जगह स्थानीय लोगों ने सुरक्षा बलों की गाड़ियों पर पत्थरबाजी की और सुरक्षाबलों को जान से मारने की कोशिश की गई

नायकु के मारे जाने के बाद सीआरपीएफ के बयान से बात सामने आई सुरक्षा बल के जवान जब पुलवामा जिला के अवंतीपुरा इलाके में मुठभेड़ के बाद लौट रहे थे तब उन पर स्थानीय लोगों ने पथराव किया इस तरह की वीडियो और फुटेज भी सामने आए, फिलहाल अवंतीपुरा के इलाके व पूरे कश्मीर में गृह मंत्रालय की कड़ी नजर इस तरह की घटना के बाद अभी फिलहाल कश्मीर में इंटरनेट और वॉइस कॉलिंग को बंद कर दिया गया है ताकि किसी तरह की अफवाह ना फैल सकें साथ ही लोगों की आवाजाही पर भी सख्त पाबंदी लगा दी गई है

Post a Comment

0 Comments