साहसी जुनूनी और जिंदादिल कुछ ऐसे थे हंदवाड़ा में शहीद होने वाले मेजर कर्नल आशुतोष

साहसी जुनूनी और जिंदादिल कुछ ऐसे थे हंदवाड़ा में शहीद होने वाले मेजर कर्नल आशुतोष

साहसी यूनानी और जिंदादिल कुछ ऐसे थे हंदवाड़ा में शायद होने वाले मेजर कर्नल आशुतोष और जाते-जाते भी उन्होंने कुछ इसी तरह ही अपना परिचय दिया और मां भारती की सुरक्षा के लिए कश्मीर के लोगों की सुरक्षा के लिए अपने आप को शहीद कर दिया.

शहीद सुरक्षाकर्मियों में 21 राष्ट्रीय राइफल के कमांडिंग आफिसर कर्नल आशुतोष शर्मा, मेजर anuj sood, rajesh kumar, dinesh sing के साथ कश्मीर पुलिस के सब इंस्पेक्टर shakeel qazi शामिल है हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने दो आतंकी को मार गिराया है मरने वाले दोनों आतंकी लश्कर के थे

कमांडिंग अफसर कर्नल आशुतोष शर्मा 21 राष्ट्रीय राइफल की कमान संभाल रहे थे 21 राष्ट्रीय राइफल हंदवाड़ा इलाके की सुरक्षाकर्मी है 21 राष्ट्रीय राइफल के कमांडिंग ऑफिसर रहे कर्नल आशुतोष अपने साहस और वीरता के वजह से पहले भी चर्चा में रहे है उन्हें दो बार वीरता पुरस्कार से नवाजा जा चुका है

शहीद आशुतोष पिछले 5 सालों में आतंकी सी मुठभेड़ में पहले जान गवाने वाले कर्नल रैंक के पहले कमांडिंग ऑफिसर है शहीद आशुतोष शर्मा का पैतृक निवास यूपी है लेकिन वह जयपुर में रहते थे

कर्नल आशुतोष शर्मा इकलौते करना थे जिन्हें कश्मीर में दो बार वीरता पुरस्कार से नवाजा जा चुका है यकीनन कर्नल आशुतोष शर्मा का यह बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा यहां तक कि पीएम मोदी ने भी शहीदों को श्रद्धांजलि दी है और कभी ना भूलने की बात कही है

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