इलाज के 70 दिन बाद भी फेफड़ों में रह सकता है coronavirus, वैज्ञानिकों का दावा

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इलाज के 70 दिन बाद भी फेफड़ों में रह सकता है coronavirus, वैज्ञानिकों का दावा

1. Corona वायरस पर चीनी वैज्ञानिकों का बड़ा दावा
2. 70 दिन तक शरीर में रह सकता है coronavirus
3. फेफड़ों के अंदर छिपा रह सकता है वायरस
4. जांच में पकड़ में ना आए corona.. यह भी संभव

अब तक यही समझा जाता था कि कोरोनावायरस शरीर में 14 या 28 दिनों तक छिपा रहा जा सकता है लेकिन चीन के वैज्ञानिकों ने corona वायरस पर एक और बड़ा खुलासा किया है चीनी वैज्ञानिकों के मुताबिक coronavirus शरीर में 70 से अधिक दिनों तक भी छुपा रह सकता है वही कोरिया सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के डायरेक्टर जीयॉन्ग यूं कियॉन्ग का कहना हैं कोरोना वायरस दोबारा मरीजों को संक्रमित करने के बजाए रि- एक्टिवेट हो सकता है

साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस फेफड़े के अंदर गहराई में रह सकता है ऐसा भी हो सकता है कि यह जांच पकड़ी ही न जाए, चीनी शोधकर्ताओं के मुताबिक कोरोना इलाज के बाद फेफड़ों में लंबे समय तक छिपा रह सकता है शोध के मुताबिक चीन में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जो हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद 70 दिन बाद मरीज पॉजिटिव मिला है.

दक्षिण कोरिया में भी 160 मरीज कोरोना नेगेटिव होने के 70 दिन बाद पॉजिटिव पाए गए हैं चीन और दक्षिण कोरिया ही नहीं मकाउ ताइवान और वियतनाम में भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं चीन की आर्मी मेडिकल की प्रमुख शोधकर्ता डॉक्टर का कहना है 78 साल की महिला का इलाज के बाद तीन बार टेस्ट किया गया और रिपोर्ट नेगेटिव आई लेकिन हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद कुछ समय बाद वह महिला कोरोना पॉजिटिव मिली इतना ही नहीं अस्पताल में उसे दोबारा भर्ती कराने के बाद फिर से उसे डिस्चार्ज किया गया फिर उसके अगले दिन रहस्यमय तरीके से उसकी मौत हो गई
 मौत के बाद जब महिला का पोस्टमार्टम किया गया तो डॉक्टर को लीवर और हॉट में कोरोना वायरस नहीं मिला लेकिन फेफड़ों की गहराई में वायरस के स्ट्रेन मिले जब इसे इलेक्ट्रॉन माइक्रोस्कोप से देखा गया तो कोरोना वायरस की पुष्टि हुई शोधकर्ताओं का कहना है कि कोरोना वायरस के लक्षण साफ तौर पर दिखाई नहीं देते. वर्तमान में हो रही टेस्टिंग में सेंपल फेफड़ों की गहराई से नहीं लिए जाते इसलिए रिपोर्ट नेगेटिव आती है शोधकर्ताओं के मुताबिक अभी इस तरह के वायरस से संक्रमित लोगों को जल्द से जल्द समझने की जरूरत है

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