दुनिया के शीर्ष संस्थानों के वैज्ञानिकों ने चेताया, 2022 तक रहेगा corona का कहर

दुनिया के शीर्ष संस्थानों के वैज्ञानिकों ने चेताया, 2022 तक रहेगा corona का कहर


1. 2022 तक बनी रहेगी corona महामारी
2. तीन शीर्ष संस्थानों के वैज्ञानिकों ने चेताया
3. 2022 तक चलते रहेंगे corona के दौर
4. दो तिहाई आबादी में पैदा करनी होगी इम्यूनिटी

Corona ने दुनिया भर में भूचाल मचा रखा है विज्ञानिक इससे छुटकारा पाने के लिए वैक्सीन बनाने में लगे हुए हैं लेकिन लगता है कि कोरोनावायरस इतना जल्दी इंसानों का पीछा छोड़ने वाला नहीं है विशेषज्ञों की एक टीम के दावों की मानें तो कोरोना वायरस महामारी 2 साल से पहले खत्म नहीं होने वाली है

तीन शीर्ष संस्थानों के वैज्ञानिकों ने चेताया

यह दुनिया के तीन शीर्ष संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मिलकर चेताया है इन विशेषज्ञों का दावां है कि कोरोना का कहर अभी 2 साल और झेलना पड़ेगा 2022 तक इस पर काबू पाना और नियंत्रित करना मुश्किल है यह काबू में तभी आएगी जब दुनिया की दो तिहाई आबादी में इम्यूनिटी पावर अधिक ना हो जाए.

संक्रमण दिखाई नहीं देने से बड़ी मुश्किलें 

रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस की तुलना 2009-10 के वायरस से की जाए तो नए वायरस को काबू करना मुश्किल है क्योंकि इसके वायरस के लक्षण दिखाई नहीं देते लेकिन एक दूसरे के तक फैला रहे हैं इस बात का डर बढ़ रहा है कि लोगों में लक्षण तब सामने आ रहे हैं जब उनमें संक्रमण बहुत ज्यादा फैल चुका होता है

लॉकडाउन हटने से और बढ़ेगा खतरा.

रिपोर्ट के अनुसार कोरोना में 2022 तक बने रहने की बात में इसलिए भी दम है क्योंकि दुनिया के अरबो लोग लॉक डाउन के कारण घरों के अंदर बंद है इस कारण संक्रमण में ठहराव देखा गया लेकिन धीरे-धीरे कई देश लॉकडाउन में छूट दे रहे हैं लॉकडाउन के बाद बिजनेस और कई संस्थान भी खुलेंगे जिससे केरोना का खतरा बढ़ जाएगा, कोरोना वायरस महामारी का दौर 2022 तक जारी रह सकता है क्योंकि अगर कोरोना की वैक्सीन बन भी जाती है तब तक 70 फ़ीसदी लोगों तक यह वैक्सीन पहुंच सकेगा

महामारी के दौर के लिए तैयार रहे दुनिया

रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारों को चाहिए कि वह अपने अपने देश की जनता तक बात पहुंचा दें कि यह वैश्विक महामारी जल्द खत्म होने वाली नहीं ऐसे में उसे 2 सालों तक बार-बार आने वाले कोरोनावायरस के लिए खुद को तैयार रखना होगा.

चुनौती साबित होगी इम्यूनिटी पाना

विश्व में 86 से भी अधिक टीमें कोरोना वैक्सीन पर रिसर्च कर रही हैं कुछ के तो ट्रायल भी शुरू हो चुके हैं लेकिन ज्यादातर जानकारों का कहना है कि वैक्सिंग के बाजार में आने में कम से कम 12 से 18 महीना लग सकते हैं और यह मान भी लिया जाए कि वैक्सीन की डोज साल के अंत तक आ भी गई तो दुनिया की बड़ी आबादी के लिए इम्यूनिटी बढ़ाना भारी चुनौती होगी

रिपोर्ट में अमेरिका का दिया हवाला.

रिपोर्ट में अमेरिका का हवाला दिया गया है इसमें कहा गया है कि जब तक 2009 से 2020 में फ्लू जैसी महामारी फैली थी तो इम्यूनिटी के लिए बड़े पैमाने में वैक्सीन तभी मिले थे जब महामारी अपने चरम पर पहुंच गई थी अध्ययन में यह अनुमान लगाया गया है कि वैक्सिंग सोर्स के कारण केवल अमेरिका में 15 लाख मामलों पर काबू पाया जा सका था.

चिंताजनक है रिपोर्ट.

तीन शीर्ष संस्थानों के वैज्ञानिकों का यह दावा दुनिया के माथे पर चिंता की लकीर खींचने के लिए काफी है जो पहले से ही कोरोना से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और इससे जल्द से जल्द छुटकारा पाना चाह रहे हैं इससे पहले भी कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि कोरोना इतना जल्दी खत्म होने वाला नहीं और यह लंबे समय तक जारी रहेगा

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