USCIRF ने भारत पर उंगली उठाई तो, विदेश मंत्रालय ने लगाई फटकार

USCIRF ने भारत पर उंगली उठाई तो, विदेश मंत्रालय ने लगाई फटकार

भारत तेजी से उभरती हुई शक्तियों में से सबसे  ऊपर है ऐसे में दुनिया की कई संस्थाएं हैं जो भारत के खिलाफ प्रोपेगंडा फैलाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ती

कोरोना वायरस महा संकट के बीच धार्मिक आजादी पर नजर रखने वाली एक अमेरिकी संस्था ने भारत को लेकर रिपोर्ट जारी की है इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में धार्मिक आजादी का कम होना चिंता का विषय है इस रिपोर्ट को लेकर भारत ने जवाब दिया है और इस रिपोर्ट को पक्षपाती करार दिया है

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने इस रिपोर्ट पर आधिकारिक बयान जारी किया बयान पर कहा गया कि USCIRF की वार्षिक रिपोर्ट में जो भारत के लिए कहा गया है हम उसकी निंदा करते हैं पक्षपात से भरपूर इस तरह की टिप्पणी कोई नई नहीं है लेकिन इस बार तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश करने की सीमा सभी लेवल पर पार कर चुकी है

भारत की ओर से कहा गया है कि संगठन अपने ही द्वारा प्रयासों को सफलता पूर्वक लागू नहीं कर पा रहा, हम इस प्रकार के संस्थान का सम्मान करते हैं ऐसे में उसे इसी प्रकार का व्यवहार करना चाहिए

अमेरिकी विभाग ने कहा है कि 2018 के बाद से भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति खराब हुई है इस संगठन ने भारत के धार्मिक आजादी पर चिंता जताते हुए उसे टियर 2 की श्रेणी में जगह दी हैं यानी भारत को धार्मिक आजादी के मामले में विशेष चिंता का देश घोषित किया गया है

लेकिन अभी हमें यह समझना होगा कि भारत के खिलाफ हाल के दिनों में पाकिस्तान पैसों की लालच में खाड़ी देशों के ट्विटर से जमकर भारत के खिलाफ जहर उगला गया बाद में पता चला कि आधे ही ट्विटर अकाउंट फर्जी है और आधे पाकिस्तान समर्थक इसके बाद खाड़ी देशों को भारत ने फोन घूम आया तो सबने भारत के साथ दोस्ती की प्रतिबद्धता दोहराई.

ऐसे में कोई अमेरिकी संस्थान भारत पर कोई रिपोर्ट जारी करें और पाकिस्तान में होते अत्याचारों को धीरे से खंडन करें तो समझा जा सकता है कि खेल क्या है क्योंकि ऐसे संस्थानों को भारत के लगातार मजबूत होते उसके लोकतंत्र की ओर उसकी ताकतवर होने से प्रोपेगंडा की दुकान बंद होती नजर आती है और जब ऐसी रिपोर्ट निकालते हैं तो भारत के दुश्मन देशों की दुलारे भी हो जाते हैं!

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