Supreme court से अर्नब गोस्वामी को राहत, कांग्रेस को लगा तगड़ा झटका.

Supreme court से अर्नब गोस्वामी को राहत, कांग्रेस को लगा तगड़ा झटका.

सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने राहुल गांधी का हवाला भी दिया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ

सुप्रीम कोर्ट ने आज रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी की याचिका पर सुनवाई हुई इस याचिका में अर्नब गोस्वामी की ओर से मध्य प्रदेश तेलंगाना छत्तीसगढ़ राजस्थान और महाराष्ट्र जम्मू कश्मीर में उनके खिलाफ दर्ज सोलह प्राथमिक आयोग के आधार पर किसी तरह की दंडात्मक कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की गई.

दरअसल कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी व नफरत देने वाले बयान के आरोप में 6 राज्यों में कुल 16 एफआईआर दर्ज कराई गई है अर्नब और उनकी पत्नी पर परसों रात की ड्यूटी से लौटने पर देर रात उनके गाड़ी पर हमला भी किया गया जिसके बाद उन्होंने मुंबई के थाने पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई है इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट से अर्नब गोस्वामी को बड़ी राहत मिली है और सभी राज्यों में दर्ज एफआइआर में किसी भी तरह कार्यवाही पर तीन हफ्तों के लिए रोक लगा दी गई है

सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी को निर्देश दिए हैं कि वह इस दौरान हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत दायर कर सकते हैं कोर्ट ने केंद्र सरकार महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान सरकार को नोटिस भी जारी किया है साथ ही उन्होंने नागपुर में दर्ज एफआइआर को मुंबई ट्रांसफर करने के आदेश दे दिए हैं महाराष्ट्र सरकार को रिपब्लिक टीवी के दफ्तर की सुरक्षा बढ़ाने के भी निर्देश दिए हैं कोर्ट ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता अपनी  याचिका में संशोधन करे और सारी f.i.r. को एक साथ जोड़ने की प्राथमिकता करें इसके बाद आगे की सुनवाई पूरी होगी इसका मतलब यह है कि जहां जाए f.i.r. की गई है उसे रद्द माना जाएगा क्योंकि एक साथ इतनी सारी f.i.r. पर सुनवाई नहीं हो सकती

सुनवाई की शुरुआत में वीडियो कांफ्रेंसिंग वाले अर्नब गोस्वामी के वकील सिद्धार्थ भटनागर और मुकुल पेश हुए स्क्रीन पर छत्तीसगढ़ की ओर से विवेक तंखा और महाराष्ट्र की ओर से कपिल सिब्बल और मनीष सिंह भी राजस्थान की ओर से दिखे तो जस्टिस ने पूछा कि 1 नए मामले के लिए इतने सारे वकील क्यों आए हैं सुनवाई के दौरान मुकुल रोहतगी ने पालघर की घटना को बताते हुए कहा कि 12 पुलिस वालों की मौजूदगी में 200 की भीड़ ने दो साधुओं की हत्या कर दी किसी ने पूरी वारदात का वीडियो बना दिया पर दुख इस बात का है कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही है मानो इस अपराध में उनकी मिलीभगत हो.

अर्नब गोस्वामी ने इस पर 45 मिनट का शो किया और चुभते हुए सवाल पूछे, पूछा कि कांग्रेस अध्यक्ष अल्पसंख्यकओं की हत्या पर बोलती है साधुओं की हत्या पर चुप क्यों जवाब ने कई राज्यों में एफ आई आर दर्ज करा दी गई, मुकुल रोहतगी ने कांग्रेस के पीठ का हवाला दिया उन्होंने अरनब गोस्वामी और उनकी पत्नी पर हुए हमले का भी हवाला दिया रोहतगी ने कहा कि सभी जगह तर्ज f.i.r. की भाषा एक है मतलब साफ है कि एक योजनाबद्ध तरीके से अर्नब गोस्वामी को परेशान किया जा रहा है रोहतगी ने कांग्रेस शासित दर्ज f.i.r. को प्रेस की आजादी पर हमला बताया सुप्रीम कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी की हमेशा रक्षा की है रोहतगी ने कहा छत्तीसगढ़ से नोटिस भी आ चुका है कि अर्नब गोस्वामी वहां पेश हो. रोहतगी ने आगे कहा कि मेरे मुवक्किल को राहत दी जाए सुप्रीम कोर्ट ने भी साफ करें कि मानहानि का मुकदमा सीधे तौर पर किया जाए मतलब अगर सोनिया गांधी को दिक्कत है तो सोनिया गांधी सीधे तौर पर मुकदमा करे कोई और नहीं

कपिल सिब्बल ने arnab गोस्वामी के बयान हिंदी में पढ़कर कोर्ट में सुनाया उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक हिंसा फैलाने वाले बातें अभिव्यक्ति की आजादी के दायरे में नहीं आ सकते उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में दर्ज f.i.r. निरस्त नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि प्रथम दृष्टि यह अपराध है जिसकी जांच होनी चाहिए कपिल सिब्बल ने पूछा कि arnab गोस्वामी क्या विशेष व्यक्ति है जो उनके खिलाफ एफ आई आर दर्ज नहीं की जा सकती है अगर कांग्रेस के लोगों ने एफ आई आर दर्ज कराई है तो उसमे क्या समस्याा है क्या बीजेपी के लोग एफ आई आर दर्ज नहीं कराते पुलिस को काम करने दिया जाए देखेंगेे कि मामला बनता है कि नहीं कन्हैया कुमार के केस में भी जांच हुई तो इसमें क्यों नहीं ज्यादाा से ज्यादा f.i.r. को एक साथ जोड़ा जा सकता है लेकिन निरस्तत नहीं किया जाना चाहिए छत्तीसगढ, राजस्थान के वकीलों ने भी अर्नव गोस्वाामी पर आरोप लगाए

इन आरोपों पर रोहतगी ने कहा कि राहुल गांधी एक राजनैतिक दल के नेता है लेकिन अर्णव गोस्वामी राजनेता नहीं है उन्होंने जो मसला उठाया है वह अभिव्यक्ति की आजादी और प्रेस की स्वतंत्रता का मामला है

कुल मिलाकर इन सब की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह कहा कि याचिकाकर्ता सारी याचिकाओं को एक साथ करके अपनी याचिका में सुधार करें और फिर लगाए एक तरह से इन सारी याचिका को रद्द कर दिया गया है जो नागपुर की आज का है उसे मुंबई ट्रांसफर कर दिया गया है रिपब्लिक टीवी के दफ्तर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अभी कोई अरनव गोस्वामी पर कार्रवाई नहीं होगी.

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