Safoora zarkar: दिल्ली दंगों की मुख्य साजिशकर्ता को जेल में डालने पर लिबरल गैंग कर रही है रिहाई के मांग

Safoora zarkar: दिल्ली दंगों की मुख्य साजिशकर्ता को जेल में डालने पर लिबरल गैंग कर रही है रिहाई के मांग

फरवरी के महीने में CAA के विरोध में दिल्ली का उत्तर पूर्वी इलाका युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो गया था सड़कों पर मौत का तांडव मचाया गया दिल्ली दंगों की जांच पुलिस लगातार कर रही है दंगों पर कट्टरपंथी समूह PFI का नाम भी सामने आने के बाद पुलिस ने जामिया के कुछ छात्रों को गिरफ्तार किया है इसमें एक का नाम मिलान हैदर है तो दूसरा safoora zarkar.

Safoora zarkar जामिया यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट और जामिया कोऑर्डिनेशन कमेटी की मीडिया प्रभारी है safoora zarkar पर आरोप है कि उसने दंगों के दौरान जाफराबाद मेट्रो स्टेशन पर बैरिकेड लगाए इतना ही नहीं safoora ने भीड़ को लेकर वहां पहुंची और हिंसा की साजिश रची और तो और safoora ने ही साजिश 22 फरवरी की रात सीलमपुर थाने में धरने में बैठे महिलाओं को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के नीचे बैठाया और दंगे को अंजाम दिया

इतने संगीन आरोप होने के बावजूद safoora को रिहा करने की मांग उठ रही है जी हां safoora zarkar के लिए लिबरल गैंग सोशल मीडिया पर कैंपेन चला रहा है और safoora zarkar को रिहा करने की मांग की जा रही है रिहाई की मांग के लिए लिबरल गैंग एक रिपोर्ट का हवाला दे रहा हैं

यह रिपोर्ट हिंदुओं पर आक्रमक रिपोर्टिंग करने वाले Aljazeera word मीडिया संस्थान की है अपने इस रिपोर्ट में बेहद मानवी रिपोर्ट पेश की है इस रिपोर्ट में बताया गया है कि 27 साल की safoora zarkar को दिल्ली पुलिस ने 10 अप्रैल को गिरफ्तार किया तब वह गर्भवती थी रिपोर्ट को और भी मानवी बनाने के लिए safoora के पेरेंट्स के बयान को भी शामिल किया गया है जिसमें परिजनों ने कहा कि रमजान का पहला दिन safoora कि बिन बहुत दुख में बीता इतना ही नहीं, तिहाड़ जेल के हालातों पर भी बात की गई बताया गया कि तिहाड़ जेल ओं का परिसर भारत के सबसे भीड़ वाली जगहों में से एक है जिसमें लगभग दोगुने कैदी बंद हो सकते हैं ऐसे में corona काल में गर्भवती safoora को खतरा है बस यह रिपोर्ट लिबरल गैंग के एक्टिव होने के लिए काफी थी

सोशल मीडिया पर यह रिपोर्ट तेजी से शेयर किया जाने लगी और एक एजेंडा के तहत ट्वीट की भरमार लग गई और वामपंथी सबा नकवी ने ट्वीट करते हुए कहा क्या लोकतंत्र में CAA के खिलाफ विरोध करने की इजाजत नहीं है एक प्रेग्नेंट महिला को एंटी टेरर चार्ज के नाम पर lockdown और महामारी के बीच क्यों गिरफ्तार किया गया उसका बच्चा क्या जेल में पैदा होगा

वहीं कांग्रेस की राष्ट्रीय संयोजक Hasiba Amin ने ट्वीट करते हुए लिखा कि- 27 वर्षीय जामिया की scholar जोकि 3 महीने की गर्भवती है उसने अपने रमजान का पहला दिन तिहाड़ जेल में बिताया क्योंकि उसने सरकार द्वारा गलत किए जाने वाले काम पर बोलने की हिम्मत दिखाई.

इसके बाद CNN की पत्रकार zeba warsi ने लिखा कि यह जामिया की मीडिया cooridinator है जामिया के बाहर हुए शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे यह गर्भवती है अल जजीरा की रिपोर्ट कहती है कि उन्हें तिहाड़ में एकांत में रखा गया है

इस तरह सोशल मीडिया में safoora को ममता देवी बताने के साथ-साथ दिल्ली पुलिस पर सवाल खड़े किए गए और केंद्र सरकार को भरपूर कोसा गया लेकिन कोसने से पहले यह भी जानना जरूरी है कि safoora को गैरकानूनी गतिविधियां
रोकथाम अधिनियम यानी कि UAPA के तहत गिरफ्तार किया गया है safoora पर बेहद संगीन आरोप है जिसे मात्र गर्भवती का हवाला देकर खारिज नहीं किया जा सकता

लिबरल gang safoora के लिए उसकी प्रेगनेंसी के नाम रिहाई की मांग कर रहा है उसे इस बात को भी जान लेना जरूरी है कि सूत्रों के मुताबिक safoora 3 महीने से प्रेग्नेंट है जबकि दिल्ली में हुई हिंसा 2 महीने पुरानी घटना है ऐसे लोगों ने घर में रहने की सलाह देनी चाहिए थी जब वह प्रेगनेंसी के दौरान सड़कों पर आंदोलन में अपनी प्रतिक्रिया दिखा रही थी

लिबरल गैंग के मुताबिक safoora को इन आरोपों से इसलिए छूट दे देनी नहीं चाहिए क्योंकि वह प्रेग्नेंट है

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