Coronavirus के खिलाफ israel ने mossad को उतारा, क्या है असली मकसद

Coronavirus के खिलाफ israel ने mossad को उतारा, क्या है असली मकसद

Corona युद्ध के खिलाफ israel ने मोसाद को उतारा

Corona युद्ध के खिलाफ israel ने मोसाद को उतारा

इजराइल में अप्रैल की शुरुआत में एक बड़ी खबर आती है कि इजराइल के स्वास्थ्य मंत्री corona वायरस से संक्रमित हो गए हैं हालांकि इससे दुनिया को कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि बाकी देशों में भी ऐसा हो रहा था लेकिन यह बात बड़ी इसलिए थी क्योंकि उनके संपर्क में आए सभी लोगों को qurentine कर दिया गया और उनमें था एक ऐसा नाम जिससे सब हैरान रह गए वह थे israel एजेंसी मोसाद के चीफ yossi cohen.

Mossad कि अधिकारी दुनिया भर में खुफिया अभियान चलाते हैं उनका मकसद इजराइल की सुरक्षा है और वह पब्लिक हेल्थ के मुद्दे से कभी जुड़े नहीं रहे हैं लेकिन yossi cohen के qurentine होने के बाद यह सामने आई कि इजराइल पर कोरोना की मार से निपटने के लिए सेना की तरह मोसाद भी देश की मदद कर रही है

सामने से सेना और पीछे से मोसाद ने की मदद

मोसाद इजराइल में कोरोना वायरस के इलाज में मुस्तैदी के साथ टिकी हुई है सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक देश में उपकरणों की खरीद हो या फिर मैन्युफैक्चरिंग टेक्नोलॉजी को विदेशों से लेना इसमें इसका महत्वपूर्ण स्थान रहा है इजराइल में कोरेना को लेकर भयावा अनुमान लगाए गए थे हालांकि यहां करीब 11000 लोग संक्रमित हैं और 103 लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन यह सबसे प्रभावित हुए देशों की सूची में है

 मोसाद ने देश की कमान कैसे संभाली

फरवरी में जब पश्चिमी देश कोरोना को लेकर सुस्त पड़े हुए थे इजराइल की खुफिया एजेंसी एक्टिव हो गई थी और उसने दुनिया भर में अपने नेटवर्क को अलर्ट कर दिया था ताकि मेडिकल सप्लाई मंगवाई जा सके फरवरी में इजराइल के सबसे बड़े अस्पताल और वेंटीलेटर व सुरक्षा उपकरणों की जरूरत पड़ी तब अस्पताल के डायरेक्टर जनरल ने मोसाद के चीफ से मुलाकात उस वक्त खुद मोसाद के चीफ सोच रहे थे कि क्या मोसाद इजराइल की मदद कर सकता है yossi cohen को जैसे ही अस्पताल की लिस्ट सौंपी गई मोसाद ने अपने अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए खोज शुरू कर दी ऐसे समय में जब दुनिया भर की देश कोरोना से निपटने के लिए तैयारी नहीं किए थे

मार्च की शुरुआत में ही कमांड और कंट्रोल रूम बना दिए गए जोकि मेडिकल केयर की आपूर्ति का काम संभाल रहे हैं इसकी जिम्मेदारी yossi cohen के हाथ में है अस्पताल के डायरेक्टर प्रोफ़ेसर सेना के पूर्व ब्रिगेडियर हैं और उनका कहना है कि मोसाद का देश के अस्पतालों में जरूरी दवाइयों की आपूर्ति में महत्वपूर्ण रोल रहा है

Mossad दुनिया की सबसे खतरनाक खुफिया एजेंसी है

Mossad मतलब मौत का दूसरा नाम, अगर कहीं मोसाद इजराइल की रीड़ है तो गलत नहीं होगा यह इजराइल की इंटेलिजेंस एजेंसी है mossad की निगाहों में जो चढ़ गया उसका बचना मुश्किल है मोसाद के खुफिया एजेंट उसे दुनिया के किसी भी कोने से निकाल कर या ढूंढकर खत्म करने की क्षमता रखते हैं यही वजह है कि इजराइल की खुफिया एजेंसी को दुनिया की सबसे खतरनाक एजेंसी कहां जाता है
मोसाद, अमेरिका, रशिया और चाइना की खुफिया एजेंसी से भी खतरनाक है यही वजह है कि यहां आतंकी हमले नहीं होते आतंकियों ने 1972 ओलंपिक में इजराइल के 12 खिलाड़ियों की हत्या कर दी थी जिसमें इजराइल में अगले 30 साल तक साजिश में हुए शामिल सभी लोगों को ढूंढ ढूंढ कर मारा और अपने खिलाड़ियों की मौत का बदला लिया

मोसाद की पहुंच हर उस जगह तक है जहां israel या इजरायल के नागरिकों की साजिश रची जा रही हो mossad का इतिहास 63 साल पुराना है mossad को इस कारण भी जाना जाता है कि वह अपने दुश्मनों को कुर्ता के साथ सजाया करती है राजनेताओं की हत्या करना, दूसरे देशों में अराजकता फैलाना या  सत्ता परिवर्तन कराना यह सब मोसाद के ऑपरेशंस में शामिल है इस एजेंसी की खास बात यह है कि यह दूसरे देशों की एजेंसी में भी अपने एजेंट रखती है जिसे कोई को पता भी नहीं रहता.

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