अब आयुर्वेद से होगा corona का इलाज.. जल्द शुरू हो सकता है FIFATROL का ट्रायल

अब आयुर्वेद से होगा corona का इलाज.. जल्द शुरू हो सकता है FIFATROL का ट्रायल

Corona से जंग फीफाट्रोल साबित होगा ब्रह्मास्त्र

1.आयुर्वेद ढूंढेगा corona का इलाज
2. फीफा ट्रोल से होगा कोरोना का इलाज
3. Fifatrol को लेकर वैज्ञानिक आशांविन
4. बैक्टीरिया के संक्रमण को रोकता है fifatrol
5. डेंगू के इलाज में साबित हो चुका है कारगर
6. शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक

Corona से लड़ने के लिए दुनिया भर में कारगर दवाओं की खोज जारी है दुनिया के 20 से ज्यादा देशों में वैज्ञानिकों की टीम corona वैक्सीन बनाने के काम में लगी हुई है कुछ जगह पर तो human ट्रायल भी शुरू हो गए हैं इसके अलावा पहले से बनी हुई दवाओं को फिर से आजमाया जा रहा है

भारत में भी हो रही वैक्सीन की खोज

भारत के लिए भी coronavirus किसी चुनौतियां से कम नहीं है बाकी देशों में भी coronavirus से निपटने के लिए रिसर्च हो रहे हैं वैज्ञानिक जी जान से लगे हुए हैं इस बीच वैज्ञानिक corona की दवा को लेकर एक बड़ा फैसला किया है उन्होंने कोरोनावायरस को हराने के लिए हजारों साल पुरानी पद्धति आयुर्वेद का सहारा लेने का फैसला लिया है

Fifatrol से होगा coronavirus का इलाज

इसी कड़ी में वैज्ञानिक आयुर्वेदिक एंटीबायोटिक के रूप में जाने वाली दवा Fifatrol को coronavirus इलाज की खोज करने जा रहे हैं जल्द वैज्ञानिक fifatrol को लेकर शोध शुरू करने वाले हैं fifatrol को शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में अहम माना जाता है

टाक्स फोर्स को भेजा गया था प्रस्ताव

Corona के खिलाफ जंग में fifatrol की उपयोगिता का पता लगाने के लिए पीएम मोदी के नेतृत्व में आयुष मंत्रालय द्वारा गठित टास्क फोर्स को प्रस्ताव भेजा गया था ताकि सरकार से हर संभव मदद ली जा सके कहा जा रहा है कि जल्द टाक्स फोर्स से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी

विशेषज्ञ कर रहे फीफा ट्रोल की पैरवी

बनारस सेतु विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉक्टर के एन द्विवेदी का कहना है कि दुनिया कोविड-19 का इलाज तलाश रही है भारत को भी अपने परंपरागत चिकित्सा पद्धति का इस्तेमाल करना चाहिए ऐसे में भी fifatrol आयुर्वेदिक का सबसे बेहतर उपचार हो सकता है

बैक्टीरिया संक्रमण के खिलाफ फीफाट्रोल कारगर

द्विवेदी जी ने fifatrol को आजमाने अनुशंसा करते हुए कहा बैक्टीरिया संक्रमण के खिलाफ यह दवा कारगर है और शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के कारण है corona इलाज में सहायक हो सकती है लेकिन इसके लिए अध्ययन करने की जरूरत है टाक्स फोर्स की मंजूरी के बाद इस दवा का ट्रायल किया जाएगा
Fifatrol

दो भागों में बांटा जाएगा मरीजों को

ट्रायल के दौरान मरीजों को दो वर्गों में बांटा जाएगा एक वर्ग को अन्य दवाओं के साथ-साथ Fifatrol भी दी जाएगी जबकि दूसरे मरीजों को Fifatrol नहीं दी जाएगी इसके बाद दोनों मरीजों के शरीर में कोरोनावायरस की मात्रा चेक की जाएगी अगर Fifatrol corona वायरस की मात्रा को कम करने में कारगर होता है तो इसका और अधिक मरीजों में परीक्षण किया जाएगा और इसकी उपयोगिता को वैज्ञानिक मापदंडों में साबित किया जा सकेगा

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