Coronavirus: Delhi nizamuddin के मरकज से मिले 200 संदिग्ध, तबलीगी जमात ने बढ़ाई टेंशन

Coronavirus: Delhi nizamuddin के मरकज से मिले 200 संदिग्ध, तबलीगी जमात ने बढ़ाई टेंशन

Delhi के nizamuddin इलाके में एक मजहबी मसले के दौरान जूटे हजारो लोगों में से कम से कम 200 को corona संक्रमण लक्षण दिखने पर उन्हें अस्पतालों में भर्ती कराया गया है इनमें से 19 से अधिक लोगों ने संक्रमण की पुष्टि हुई है इस धार्मिक स्थल पर हुए कार्यक्रम में मलेशिया इंडोनेशिया सऊदी अरब और गिरकिस्तान तरह से भी सैकड़ों लोग शामिल हुए थे इसके बाद पुलिस ने अर्धसैनिक बलों की सहायता स से इलाकों की घेरा बंदी कर दी है ड्रोन कैमरे की मदद से इलाके की पूरी निगरानी की जा रही है लोगों को बस में बैठा कर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है दिल्ली सरकार ने मार्कस के मौलाना के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कहा है उन पर आरोप है कि lockdown होने के बाद भी उन्होंने इतना बड़ा धार्मिक आयोजन बिना अनुमति के कराया

आपको बता दें कि 25 नए मरीजों में से 19 का संबंध निजामुद्दीन मार्कस से है गौरतलब है कि इस्लाम में तबलीगी जमात का मतलब अल्लाह की कही बातों का प्रचार करने वाला समय और मर्कस का मतलब होता है मीटिंग के लिए जगह दरअसल तबलीगी जमात से जुड़े लोग इस्लाम को मानते हैं और इसी का प्रचार-प्रसार करते निजामुद्दीन इलाके में इसका मुख्यालय है

तबलीगी जमात क्या है पूरा मामला

पुलिस ने बताया कि मध्य मार्च में  निजामुद्दीन बस्ती के बीचो-बीच स्थित अलामी मरकज बंगले वाले me तबलीगी जमात के धर्म उपदेश सुनने के लिए हजारों लोग जमा हुए थे इस धर्म सभा में शामिल हुए 1 श्रद्धालु की श्रीनगर में मौत हो गई जबकि 11 इंडोनेशिया नागरिकों हैदराबाद में संक्रमण की पुष्टि हुई इनमें से 6 की मौत हो गई!

खबर मिलने पर जब प्रशासन जागा और इन धर्म उपदेशों से मिलने की कोशिश की गई तब पता चला कि मार्च के महीने में वह सब विदेश यात्रा से लौटे थे उन्होंने एयरपोर्ट पर दी गई होम क्वॉरेंटाइन की सलाह को भी निकाल दिया अकेले लोकनायक अस्पताल में corona के 174 मरीज भर्ती हैं जिनमें से 163 निजामुद्दीन मरकज ke हैं

दिल्ली पुलिस ने क्या कदम उठाया

दिल्ली पुलिस के मुताबिक तबले की जमात में मौजूद करीबन 2000 लोगों को सोशल डिस्टेंस इन के तहत दूर दूर रखा गया है जमात के बाहर टेंट या तंबू में भी आइसोलेशन वार्ड स्थापित कर दिए गए हैं राजधानी में तबलीगी जमात केंद्र में मुख्यत: दक्षिण भारत के 1200 लोगों को 22 मार्च' जनता कर्फ्यू के दिन पुलिस ने एयरपोर्ट पहुंचाया था उस समय घरेलू प्रांतो पर प्रतिबंध नहीं लगा था लेकिन वे वापस लौट आए और पुलिस ने कार्यवाही की 2000 लोग इस केंद्र में मिले इनमें से 280 विदेशी हैं 200 इंडोनेशिया और 30 थाईलैंड, 10-15 किर्गिस्तान की है
हालांकि यह साबित हुआ कि तमिलनाडु के जिस 63  वर्षीय बुजुर्ग की मौत हुई उसे corona संक्रमण था लेकिन police ने इलाके को सील कर दिया है और कोई qurentine का उल्लंघन ना कर पाए इसके लिए गस्त शुरू कर दी है

लोगों की आवाजाही पर ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है श्रीनगर में जिस 65 वर्षीय धर्म उपदेशक देहांत हुआ वह 6 से 9 मार्च तक तबलीगी मुख्यालय में रहे थे कश्मीर लौटने से पहले उन्होंने उत्तर प्रदेश में देवबंद और सहारनपुर के मदरसों का दौरा किया था मूलत: इन बुजुर्ग की मौत का कारण दिल का दौरा बताया गया था

आंध्र प्रदेश में संक्रमित पाया गया एक व्यक्ति भी इस कार्यक्रम में था मरकस मुख्यालय प्रवक्ता डॉ मोहम्मद शोएब अली ने कहा 18 मार्च को जब प्रधानमंत्री मोदी ने लाकडाउन की घोषणा की तो हमारे हेड क्वार्टर में 5000 से ज्यादा लोग मौजूद थे लेकिन घोषणा के तुरंत बाद जमात मुख्यालय के प्रबंधकों ने सबसे पहले हिंदुस्तानियों को अपने घरों में लौटने के लिए कहा साथ ही दूतावासों से संपर्क साध कर विदेशियों को उनके देश भेजने के लिए कहा

दिन-रात इन तमाम कोशिशों के बाद भी  22 मार्च 2020 करीब 2000 लोग जमात हेडक्वार्टर में बाकी बचे थे निजामुद्दीन मरकज मामले पर दिल्ली से बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने सोमवार रात को ट्वीट किया और इसमें लिखा कि-
 आखिर निजामुद्दीन में एकत्र लोग यह क्या सोच रहे थे क्या यह मजाक है जब पूरा देश लाकडाउन में है हमारे द्वारा उठाया गया कोई भी कदम बड़ी आपदा की वजह बन सकता है भगवान के लिए सरकार की सुनिए!

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