Corona virus: क्या currency notes के जरिए भी वायरस फैल सकता है?

Corona virus: क्या currency notes के जरिए भी वायरस फैल सकता है?

क्या नोटों से भी फैलेगा corona virus.

Corona virus को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने एक सुझाव दिया है की जनता फिलहाल नगदी लेन-देन से बचें और लेनदेन के लिए भुगतान के डिजिटल साधनों का उपयोग करें आरबीआई के मुख्य प्रबंधक योगेश दयाल ने कहा नगद राशि भेजने या बिल का भुगतान करने के लिए भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने की आवश्यकता हो सकती है इसके लिए 2 लोगों में संपर्क भी होता है जिससे फिलहाल बचने की जरूरत है

केंद्रीय बैंक ने लोगों को सुझाव दिया है कि डिजिटल लेनदेन का सुझाव तय करें यह 24 घंटे उपलब्ध रहती हैं आरबीआई से पहले अखिल भारतीय व्यापारी संघ ने भी नगदी के इस्तेमाल पर चिंता जाहिर की थी CAIT की राष्ट्रीय अध्यक्ष  और महासचिव प्रधानमंत्री मोदी को चिट्ठी लिखकर संदेश दिया था कि कागज से बने नोट महामारी फैलने में सहायक हो सकते हैं CAIT ने पीएम मोदी से अपील भी की है कि भारत सरकार मौजूदा स्थिति को देखते हुए सिंथेटिक पॉलीमर से बनने वाले नोटों को लाने का विचार करें जिनके जरिए संक्रमण फैलने का खतरा कागज के नोटों के तुलना में कम बताया जाता है

सोशल मीडिया में भी इस विषय पर चर्चा हो रही है लोग विदेशी मीडिया में छपी खबरों को शेयर कर रहे हैं खबरों में लिखा है कि चीन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में स्थित बैंक करेंसी नोटों को वायरस मुक्त करने में लग गए है अल्ट्रा लाइट के जरिए नोटों को साफ किया जा रहा है इसके बाद इन नोटों को 14 दिनों तक सील करके रखा जाएगा और उसके बाद ही इन्हें जनता में सर्कलेट किया जाएगा.

चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही corona virus से मरने वालों की संख्या 1500 से ज्यादा हो गई थी तभी चीन के सभी बैंकों को निर्देश दिया गया था कि वह संभावित रूप से संक्रमित नोट वापस ले ले और उन्हें जीवाणु रहित नोटों को बनाने का काम जारी रखें

Covid19 की बात करें तो यह corona फैमिली का नया मेंबर है जय सांस लेने में तकलीफ पैदा करता है इस वायरस से जितनी भी मेडिकल रिसर्च हुई है इससे कोई भी साबित नहीं हुआ है कि currency notes और सिक्कों के जरिए वायरस कैसे फैलता है

वैज्ञानिक समझ कहती है कि कोरोना वायरस ड्रॉपलेट के जरिए मनुष्य के नाक या मुंह के जरिए जा सकता है W.H.O. ने भी इस संदर्भ में यही बात कही है

पर क्या कागज के नोटों से यह संक्रमित हो सकते हैं चीन और दक्षिण कोरिया में जब नोट और सिक्कों से वायरस मुक्त वाला काम शुरू हुआ तो सवाल उठाया गया लेकिन इसके जवाब में साल 2003 में फैली sarsh महामारी में भी एक शोध का हवाला दिया गया अमेरिका में हुई इस स्टडी के बारे में बताया गया था sarsh से कागज को 72 घंटे तक और कपड़े को 82 घंटे तक अपने चपेट में रख सकता है हालिया अध्ययनों के बाद यानी कि इस निष्कर्ष में पहुंचे हैं कि sarsh,coronavirus, covid19 मैं काफी समानताएं हैं

 इन सभी बातों को ध्यान में रखें तो कागज के नोट और सिक्के संक्रमित कर ही सकते हैं और corona virus फैलने में सहायक हो सकते हैं ऐसे संकट पर इस समय में आरबीआई का डिजिटल भुगतान करने का सुझाव एक अच्छा उपाय है

लेकिन जो लोग नगदी के स्तंभन से पूरी तरह बच नहीं सकते वह W.H.O. के सुझाव को मानना चाहिए, W.H.O. ने कहा है कि अगर आप संक्रमित नोटों के संपर्क में आते भी हैं उसे लेने या देने के बाद आप अपने हाथ को धूल कर इस समस्या को टाल सकते हैं W.H.O. ने जोर देकर कहा है कि अगर आप संक्रमित नोट के संपर्क में आते हैं तो आप अपने नाक और कान साइड टच ना करें जिससे संक्रमण फैलने का खतरा आप पर ना फैले

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