Air india: सरकारी विमान कंपनी आसमान से जमीन पर कैसे आ गई

Air india: सरकारी विमान कंपनी आसमान से जमीन पर कैसे आ गई

Air india क्यों और कैसे बर्बाद हो गई!

Air india

करीब 60000 करोड रुपए के कर्ज में डूबे सरकारी Air india को बेचने की कोशिश मोदी सरकार ने शुरू कर दी है 2 साल के अंदर Air india को दूसरी बार बेचने की कोशिश की जा रही है

Air india खरीदने के इच्छुक दावेदार को 17 मार्च तक टेंडर भरने के लिए कहा गया है लेकिन BJP राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्वीट करके कहा कि यह डील पूरी तरह से देश हित में नहीं है ऐसा करने पर मुझे कोर्ट जाने पर मजबूर किया जा रहा है हम अपने परिवार के सदस्य को इस तरह बीच नहीं सकते!

Air india कभी देश का इकलौता एयरलाइंस हुआ करता था Air india पहले टाटा एयरलाइंस थी और आजादी के बाद 1949 में 45% हिस्सेदारी सरकार ने ले ली थी Air india की मुश्किलें तब से बढ़नी शुरू हुई जब से india कि एयरलाइंस का निजीकरण शुरू हुआ, जानकार बताते हैं कि इससे पहले एयर india मुनाफे में ही उठती रही' साल 2007 से इसमें कोई फायदा नहीं हुआ "UPA सरकार ने 30000 करोड रुपए का पैकेज भी दिया था उसके बावजूद भी इसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ"

वहीं india में हर साल 20% की दर से हवाई यात्री बढ़ रहे हैं जानकारों का मानना है कि भारतीय बाजार में एयरलाइंस कंपनियों के लिए मुनाफा कमाने का अच्छा मौका है पहले सरकार इसका सिर्फ 76% हिस्सा बेचना चाहती थी लेकिन किसी खरीददार में दिलचस्पी नहीं दिखाई जानकार कहते हैं कि कोई भी प्राइवेट कंपनी सरकारी दखल क्यों चाहेगा इसलिए सरकार का अभी इसे पूरी तरह से बेचने का मन है

लेकिन एक समझ सही है अभी देखी इतने बड़े कर्ज में डूबी इस कंपनी को कैसे कोई प्राइवेट कंपनी खरीदेगी,2016-2017 में कंपनी ने 5765 करोड़ रुपए का घाटा खाया. दूसरा कर्ज का ब्याज चुकाने के कारण भी कंपनी को घाटा खाना पड़ रहा है, कुछ जानकारों का मानना है ऐसा भी नहीं है कि प्राइवेट कंपनी को इसका कर्ज़ चुकाने के बाद कैश फ्लो होने लगेगा उसे लंबे वक्त तक अपनी जेब से पैसा लगाना पड़ सकता है!

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