कर्ज में डूबी सारी दुनिया thenewsbulletin.in

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यह देश और यह दुनिया पूरी कर्ज पर चल रही हैं कर्ज इतना है कि आपकी और मेरी सोच का दायरा भी इतना नहीं हो सकता आपने सुना होगा कि व्यापार कभी अपने पैसे से नहीं होता हमेशा दूसरों के पैसे से होता है लेकिन यहां तो पूरा का पूरा देश और पूरे की पूरी दुनिया दूसरे के पैसों से चल रही है



आप सोच रहे होंगे मैं ऐसा क्यों कह रहा हूं दरअसल आईएमएफ की रिपोर्ट के मुताबिक पूरे विश्व पर कर्ज का बोझ लगभग 188 ट्रिलियन डॉलर है मतलब 188 लाख करोड डॉलर का है इस रकम का अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि भारत कि भारत की अर्थव्यवस्था का आधार मात्र 2.7 लाख करोड़ डॉलर है जबकि दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था अमेरिका की 21.5 लाख करोड़ डॉलर है और पूरी दुनिया का कर्ज 188 लाख करोड़ डॉलर का है रुपए में तो इस रकम की कल्पना करना भी बेकार होगा 



आईएमएफ की प्रमुख क्रिस्टीना जॉर्जेस ने कर्ज के इतने विशालकाय बोस पर चिंता जताई है उनका कहना है कि कर्ज की राशि विश्व के कुल उत्पादन से दोगुने से भी ज्यादा है उन्होंने चेतावनी भरे लफ़्ज़ों में कहा अगर अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी हो जाती है तो सरकारें और इंडिविजुअल खतरों से गिर जाएगी



जून के महीने में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यानी RBI की एक रिपोर्ट आई थी जिसके मुताबिक भारत का कुल बाहरी कर्ज मार्च 2019 तक 543 अरब डॉलर था मार्च 2018 के मुताबिक बाहरी कर्ज की राशि करीब 13.7 अरब डॉलर कर्ज बढ़ा है GDP की तुलना करें तो यह राशि 19.7 फ़ीसदी थी

वहीं अगर बात की जाए अपने पड़ोसी देश चीन की तो चीन पर कर्ज 5 ट्रिलियन यूएस डॉलर का है और पाकिस्तान पर कर्ज 105 अरब डॉलर का है

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