आखिर कौन सी गलती जिसने अनिल अंबानी को ले डूबा Reliance group

आखिर कौन सी गलती जिसने अनिल अंबानी को ले डूबा Reliance group

आखिर कौन सी गलती जिसने अनिल अंबानी को ले डूबा

अरवो खरबों में खेलने वाले अनिल अंबानी की हालत आज खस्ता है अनिल अंबानी की कंपनियां कर्ज से डूबी हुई हैं कभी दुनिया के अमीरों में छठ में नंबर पर रहने वाले और अब कंपनियों के बिकने तक का अनिल अंबानी का कारोबारी सफर उनके अर्श से फर्श तक पहुंचने की कहानी है



अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन दिवालिया होने की कगार पर है कर्ज के जाल पर फंसे रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी ने रिलायंस कम्युनिकेशन के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया है अनिल अंबानी के अलावा आरकॉम के 4 बड़े अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है

2008 में अनिल अंबानी दुनिया के अमीरों में छठ में नंबर पर थे लेकिन आज ऐसी नौबत आ गई कि उन्हें रिलायंस कम्युनिकेशन के डायरेक्टर पद से इस्तीफा देना पड़ा एक वक्त था कि R Com ने टेलीकॉम की दुनिया में क्रांति ला दी थी और आज कंपनी दिवालिया कानून की प्रक्रिया से गुजर रही है रिलायंस ग्रुप पर भारी कर्ज है रिलायंस ग्रुप पर करीब डेढ़ लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है 

रिलायंस कम्युनिकेशन पर सबसे ज्यादा 35, 600 करोड रुपए का कर्ज है रिलायंस कैपिटल पर 38900 करोड रुपए की देनदारी है रिलायंस इंफ्रा पर ₹17800 करोड़ कर्ज है रिलायंस पावर के पास 30200 करोड रुपए बकाया है रिलायंस नेवल और इंजीनियरिंग पर 7000 करोड रुपए का कर्ज है यह आंकड़े बता रहे हैं कि अनिल अंबानी पर इतना कर्ज है कि गिनते गिनते सुबह से शाम हो जाएगी अनिल अंबानी की हर बड़ी कंपनी कर्ज पर है यूं तो कर्ज कोई बड़ी बात नहीं है हर व्यापारी को कर्ज की जरूरत होती है लेकिन मुश्किल बात यह है कि अनिल अंबानी की कंपनियां राजस्व पैदा नहीं कर पा रही हैं जिससे कर्ज चुकाने में मदद मिले

अनिल अंबानी की कंपनियां कमा नहीं पा रही हैं जिससे कर्ज चुकाने के लिए अनिल अंबानी को अपनी संपत्ति बेचने पड़ रही है लेकिन तब भी कर्ज कम होने का नाम नहीं ले रहा है अब कारोबार जगत में हर तरफ सवाल उठ रहा है कि एक तेजतर्रार व्यापारी और चुटकियों में अच्छे सौदा करने वाले अनिल अंबानी पिछले एक दशक में कैसे पिछड़ गया

इस पूरी कहानी की शुरुआत होती है धीरूभाई अंबानी की मौत के बाद रिलायंस सम्राट के बंटवारे की लड़ाई से जब अनिल अंबानी और मुकेश अंबानी के रिश्ते में कड़वाहट आ गई तो 2005 में धीरूभाई अंबानी के साम्राज्य का आखिरकार बटवारा हो गया

मुकेश अंबानी को पेट्रोकेमिकल टैक्सटाइल रिफाइनरी और तेल गैस का बिजनेस मिला जबकि अनिल अंबानी के हिस्से मे टेलीकॉम उर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंस का बिजनेस आया बंटवारे के तुरंत बाद ही दोनों भाई व्यापार को बढ़ाने में लग गए अनिल अंबानी का सपना टेलीकॉम ऊर्जा और इंफ्रास्ट्रक्चर यहां तक की मनोरंजन की दुनिया में भी सबसे बड़े व्यापारी के तौर में उभरना था अनिल अंबानी को एक साथ कई कारोबार में पैर पसारना ही ले डूबा नए कारोबार बढ़ाने के लिए अनिल अंबानी कर्ज लेते चले गए और यह कारोबार उम्मीद के मुताबिक नहीं चल पाए कारोबार की दुनिया में अनिल अंबानी का हर दांव उल्टा पड़ता गया



 कैसे डूब गई R com

रिलायंस इंफोकॉम की शुरुआत 2002 में हुई थी अनिल अंबानी ने CDMA टेक्नोलॉजी को चुना और कंप्यूटर एयरटेल एच मैक्स ने GSM टेक्नोलोजी को चुना CDMA टेकनोलॉजी की सबसे बड़ी समस्या यह थी कि यह केवल 2G और 3G को सपोर्ट करती है जबकि भारत में 4G की शुरुआत होने वाली थी अनिल अंबानी के बिजनेस के लिए यह सबसे बड़ी समस्या थी कि वो बड़े निवेश के बाद भी तकनीकी में पिछड़ गए जानकार यह भी मानते हैं कि अनिल अंबानी ने एक साथ अपने व्यापार का विस्तार अधिक किया इसके बाद उनकी मुख्य कंपनियां भी उस दौर में घाटे में आ गई जिससे वह दो तरफा गिर गए

अनिल अंबानी ने कर्ज़ को निपटाने के लिए कंपनी को बेचने की शुरुआत की लेकिन बात नहीं बनी अनिल अंबानी संकट से निपट ही रहे थे कि इसी बीच उनके बड़े भाई मुकेश अंबानी के लिए टेलीकॉम में एंट्री ना करने की मियाद पूरी हो चुकी थी वह Jio के साथ आए और खूब छाए Airtel Vodafone जैसी दिक्कत कंपनियां Jio की आंधी में घाटे में जाने लगी

अनिल अंबानी के बिजनेस के लिए यह भी बहुत बड़ा झटका था उभरने की कोशिश में अनिल का फिसलना और तेज हो गया बीते कुछ सालों में अनिल अंबानी को बिग सिनेमा रिलायंस बिग कॉस्टिंग और बिग मैजिक जैसे कंपनियों को बेचना पड़ा है

 रिलायंस कम्युनिकेशन ग्रुप के साथ ही अन्य कंपनियों पर भी धीरे-धीरे कर्ज का बोझ बढ़ने लगा अनिल अंबानी की मुश्किलें 2014 में बढ़ने लगी

एक रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर 2018 में रिलायंस ग्रुप पर  1.72 लाख करोड़ रुपए का कर्ज था R com की स्थिति का इसी से पता लगाया जा सकता है 2008 में कंपनी की टोटल वैल्यू 1,65,917 करोड़ थी जो फरवरी 2019 में घटकर R com की वैल्यू मात्र 1,687 करोड़ रुपए रह गई


दोनों भाइयों में बंटवारे के बाद अनिल अंबानी की अधीन वाली रिलायंस ग्रुप कंपनी का मार्केट कैप मार्च 2008 तक 2,36,354 करोड़ था फरवरी 2019 में घटकर गए 24,922 करोड़ रह गया अब अनिल अंबानी अरबपतियों की लिस्ट से बाहर हो गए थे अनिल अंबानी की निजी संपत्ति एक अरब डॉलर से नीचे आ गई है
दूसरी तरफ मुकेश अंबानी की कुल संपत्ति क्या 51. 40 अरब डॉलर है मुकेश अंबानी की कंपनी दिन दुगनी रात चौगुनी तरक्की कर रही है जबकि अनिल अंबानी कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं






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