GDP और भी निचले स्तर पर क्यों पहुंची pm naredra modi

GDP और भी निचले स्तर पर क्यों पहुंची pm naredra modi

GDP और भी निचले स्तर पर क्यों पहुंची pm naredra modi

GDP के नए आंकड़े आ गए हैं जुलाई सितंबर तिमाही के आंकड़े नया आंकड़ा है 4.5% इसका मतलब है जुलाई सितंबर 2019 की तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ रेट पिछले 6 सालों में सबसे कम रहा



GDP के आंकड़े तब आए हैं जब देश की अर्थव्यवस्था एक बड़ा की वीड बन चुकी है GDP Full form ग्रॉस डॉमेस्टिक प्रोडक्ट शुद्ध हिंदी में कहे तो सकल घरेलू उत्पाद पिछली बार यानी 31 अगस्त को अर्थव्यवस्था के आंकड़े आए तो 5% का आंकड़ा टीवी की स्क्रीन पर दिख रहा था तब अर्थशास्त्रियों ने दावा किया कि असल संख्या 3% की है

 GDP क्या होती है

GDP को हिंदी में कहते हैं सकल घरेलू उत्पाद , सकल माने सभी ,घरेलू  माने घर संबंधी यहां घर का आशय देश है और उत्पाद का मतलब है उत्पादन Production कुल मिलाकर देश में हो रहा हर तरह का उत्पादन. उत्पादन कहां होता है कारखानों में खेतों में कुछ साल पहले इस में शिक्षा स्वास्थ्य कंप्यूटर टेक्नोलॉजी आदि जैसी सुविधाओं को भी जोड़ दिया गया इस तरह उत्पादन क्षेत्र की गिरावट या  उपलब्धि का जो आंकड़ा होता है उसे ही GDP कहते हैं

GDP नपाई कैसे करते हैं

सबसे पहले होता है Base year यानी आधार वर्ष. एक आधार वर्ष में जो देश का उत्पादन था वह इस साल की तुलना में कितना घटाया बढ़ा है इस घटाव -बढ़ाओ में जो Rate होता है उसे ही GDP कहते हैं अगर उत्पादन बढ़ा है तो GDP बड़ी है अगर तुलनात्मक रूप से उत्पादन घटा है तो GDP में कमी आई है इसे कांस्टेंट प्राइस भी कहते हैं जिसके आधार पर GDP तय की जाती है यानी की कीमत स्थिर रहती है इसके अलावा भी एक और तरीका है जिसे करंट प्राइस कहते हैं चूंकि  हर साल उत्पादन और अन्य चीजों की रेट घटती बढ़ती रहती है इसलिए इस तरीके को भी GDP नापने के काम में लाया जाता है इसमें महंगाई दर भी शामिल होती है हालांकि अपने देश में अभी करंट प्राइस पर GDP नहीं नापी जाती है लेकिन इसकी मांग लंबे वक्त से हो रही है



केंद्र सरकार ने जो देश की इकॉनमी को 5 ट्रिलियन बनाने की जो बात कही है उसके लिए करंट प्राइस को ही आधार बनाया गया है
GDP का आकलन देश की सीमा के अंदर होता है यानी गणना उन्हीं उत्पादन ओं की होगी जिनका प्रोडक्शन अपने देश के अंदर हुआ है जिसमें सेवाएं भी शामिल है मतलब बाहर से आई चीजों का GDP में कोई योगदान नहीं है GDP की गणना हर तिमाही होती है यानी हर तिमाही में देखा जाता है कि देश का कुल उत्पादन पिछली तिमाही की अपेक्षा कितना अधिक हुआ है या कितना कम हुआ है भारत में कृषि ,सेवा और उद्योग तीन हिस्से है जिनके आधार पर GDP तय की जाती है

GDP क्यों जरूरी है

GDP किसी देश के आर्थिक विकास का बड़ा पैमाना है अधिक GDP का मतलब है कि देश की आर्थिक विकास तेजी से हो रहा है यदि जीडीपी अधिक बढ़ती है तो अर्थव्यवस्था ज्यादा रोजगार पैदा कर रही है इसका यह भी मतलब है कि लोगों का जीवन स्तर आर्थिक रूप से समृद्धि  हो रहा है इससे यह भी पता चलता है कि कौन से क्षेत्र में विकास हो रहा है और कौन सा क्षेत्र आर्थिक तौर से पिछड़ रहा है

GDP के हालिया आंकड़े पर एक्सपर्ट क्या कहते हैं

आर्थिक मामलों के जानकार और इंडिया टुडे के मुख्य संपादक अंशुमन तिवारी का कहना है इस बार की GDP बीते 6 साल से निचले स्तर पर आ गई है 5% से भी नीचे गई है मतलब यह एक बड़ी आपदा है और GDP लगातार गिरावट की ओर है एक बार GDP 5% से नीचे आ जाती है तो उसे फिर से ऊपर उठने में बहुत टाइम लगता है अब सरकार इस आंकड़े से कैसे निपटेगी और क्या जवाब देगी यह भी देखना



जय हिंद

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