Ayodhya के ram mandir case me babri masjid party AIMPLB ने SC review petition file करेगा

Ayodhya के ram mandir case me babri masjid party AIMPLB ने SC review petition file करेगा

Ayodhya  के ram mandir case में babri masjid party AIMPLB  ने SC review petition file करेगा 

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड AIMPLB अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले  के खिलाफ पुनर्विचार याचिका यानी Review petition file दाखिल करेगा मुस्लिम पक्ष कार्यों की ओर से पूरा मामला एआइएमपीएलबी की ही निगरानी में चल रहा था

अयोध्या मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया और विवादित जमीन हिंदुओं को सौंप दी cort ने केंद्र सरकार को 3 महीने के अंदर ट्रस्ट बनाने के लिए कहा था इस ट्रस्ट के अंदर राम मंदिर का निर्माण किया जाएगा सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम पक्ष को भी अयोध्या में 5 एकड़ जमीन देने का फैसला किया था लेकिन 15 नवंबर को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने ऐलान किया कि वह पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा


क्या होता है Review petition

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट है जीतेंद्र मोहन शर्मा उनका कहना है संविधान के अनुच्छेद 137 के अनुसार सुप्रीम कोर्ट को अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अधिकार है! अदालत में कोई पक्ष कार यदि वह  कोर्ट से आग्रह करता है कि वह इस फैसले पर पुनर्विचार करें है पुनर्विचार याचिका करने की एक लिमिट होती है एक समय होता है यदि एप्लीकेशन डालनी है तो फैसला होने के 30 दिन के अंदर ही पुनर्विचार याचिका दाखिल की जा सकती है

कोई भी पक्षकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर पुनर्विचार याचिका दाखिल कर सकता है याचिका दाखिल होने के बाद गेंद होती है अदालत के हाथ में सुप्रीम कोर्ट के ऊपर है की वह याचिका को मंजूर करता है या खारिज करता है हालांकि सुप्रीम कोर्ट पर दायर याचिकाएं 99%  खारिज हो जाती हैं और केवल 1% याचिकाओं की सुनवाई होती है 

पुनर्विचार याचिका उसी बेंच के सामने दाखिल की जाती है जिस बेंच ने फैसला सुनाया हो अब यहां पर सवाल आता है कि जस्टिस रंजन गोगोई तो रिटायर हो गए अब क्या होगा SC में प्रैक्टिस कर रहे अनस तनवीर का कहना है कि अयोध्या मामले पर फैसला सुनाने वाले चीफ जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर हो गए हैं उनकी जगह बेंच पर दूसरे Chef जस्टिस को शामिल किया जाएगा लकी बेंच पर बाकी चार जज वही रहेंगे जिन्होंने फैसला सुनाया वर्तमान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया शरद अरविंद गोखले पहले से ही इस बेंच में शामिल है ऐसे में किसी और व्यक्ति को इस बेंच में दायर किया



Review petition कौन दायर कर सकता है

इसका सीधा सा सवाल जवाब है पक्ष कार वह व्यक्ति या वे पार्टी जिसे कोर्ट ने पक्ष के तौर पर स्वीकार किया लेकिन अनस तनवीर ने बताया कि कोई व्यक्ति जिसे सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने प्रभावित किया है वह रिव्यू पिटिशन दायर कर सकता है हाल ही में सबरीमाला मंदिर के Review petition में भी यही देखा गया जहां पर 10 से 50 साल तक की महिलाओं को सबरीमाला मंदिर में घुसने की इजाजत नहीं है सुप्रीम कोर्ट ने फैसला लिया था की इजाजत दी जाए  पर रिव्यू पिटीशन याचिका दायर की गई तो 50 से ज्यादा पुनर्विचार याचिकाएं आई जब इन्हें क्लब किया गया तो इनमें से तो आधे से अधिक पक्षकार की भी नहीं थी

Review petition क्यों दायर कर रहा है AIMPLB

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का थोड़ा सा इतिहास जान लीजिए
1973 में इसकी स्थापना हुई थी गैर सरकारी खुला मिजाज और काम की शरीयत में बने कानून को लागू करवाना और उनकी देखभाल करने के साथ-साथ उनका प्रतिनिधित्व करना शरीयत के कानून के हिसाब से

ऑल इंडियन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अपने काम को सही तरीके से अंजाम देने के लिए कई कमेटियां बनाई कमेटियों में एक कमेटी है बाबरी मस्जिद कमेटी कमेटी का काम देश दुनिया में चल रहा है मुकदमों की पैरवी करना है

मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के वकील डॉक्टर जफर यार गिलानी जिन्होंने सुननी वक्त कोर्ट की तरफ से भी केस लड़ा था उन्होंने बताया कि बाबरी मस्जिद कमेटी की तरफ से हम मुकदमों की पैरवी एवं निगरानी करते हैं यही कारण है कि अयोध्या के फैसला आने के बाद AIMPLB Review Petition दाखिल कर देने की बात कर रहा है

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क्या AIMPLB के अलावा भी कोई Review Petition दाखिल कर रहा है

हां जी अयोध्या मामले में मुस्लिम पक्ष की तरफ से 8 पक्षकार उनमें से
पांच ने Review petition दाखिल करने का फैसला लिया है मुस्लिम पक्ष में इकबाल अंसारी पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेंगे सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में बता दिया है कि पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेंगे

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धन्यवाद जय हिंद




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